पवित्रता की शक्ति तुलसी- Pavitrata Ki Shakti Tulsi

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पवित्रता की शक्ति तुलसी in hindi, Pavitrata ki shakti tulsi in hindi, सावर्णि मुनि की पुत्री बहुत सुन्दर थी, उनकी इच्छा थी कि उनका विवाह भगवान विष्णु के साथ हो in hindi नारायण पर्वत में स्थित बदरीवन में घोर तपस्या की in hindi, तुलसी ने परमपिता ब्रहमा जी से कहा in hindi,  आप तो सब जानते है फिर भी मैं अपनी इच्छा बताती हूं in hindi,  मुझे भगवान श्री विष्णु की पति के रूप में प्राप्ति हो in hindi, ब्रहमा जी ने कहा तुम्हारी इच्छा अवश्य पूरी होगी in hindi, तुम पत्थर बन जाओगे in hindi, माता लक्ष्मी रोने हुए वृंदा से प्रार्थना करने लगी in hindi, राख से एक पौध निकला in hindi, भगवान विष्णु बोले आज से इस एक पौधे नाम तुलसी है in hindi, जिसे शालिग्राम नाम से जाना जाएगा in hindi, मेरी पूजा अर्चना फल-फूल से न होकर तुलसी दल से होगी in hindi, Sanctity strength of Tulsi in hindi, स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए तुलसी का उपयोग  in hindi,  Swasth swasthya ke liey tulsi ka upayog in hindi, तुरन्त असरदार सर्दी जुकाम के लिए in hindi, Turant asaradar sardi jukam ke liey in hindi, सर्दी जुकाम में अगर तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च, मिश्री को उबालकर काढ़ा  in hindi, बनाकर पीने से शीघ्र आराम मिलता है in hindi, कटे-घाव से शीघ्र आराम मिलता है in hindi, Kate-ghav se sheeghr aaram milta hai in hindi, तुलसी के पत्तों के साथ फिटकरी का मिश्रण बनाकर लगाने से घाव शीघ्र ठीक हो जाता है in hindi, श्वास पीड़ितों के लिए अति लाभदायक in hindi, Swas peediton ke liey ati labhdayak in hindi, तुलसी के पत्तों और काले नमक का मिश्रण करके सेवन करने से श्वास पीड़ितों को आराम मिलता है in hindi, मानसिक तनाव दूर होता है in hindi, Manasik tanav door hota hai in hindi, तुलसी के पत्तों को चाय में मिलाकर पीनेे से थकान व तनाव से आराम मिलता है in hindi, पथरी पीड़ितों के लिए in hindi, Pathree peediton ke liey in hindi, तुलसी के पत्तों को दूध में मिलाकर पीनेे से पथरी रोग शीघ्र ठीक हो जाता है in hindi, मुहांसे दाग धब्बे दूर हो जाते है in hindi, Muhanse dag dhabbe door ho jate hai in hindi, तुलसी के पत्तों को पीस कर मुंह पर लगाने से मुहांसे दाग धब्बे दूर हो जाते है in hindi, मुहं की दुर्गंध से छुटकारा in hindi, Muhan ki durgandh se chhutkara in hindi, तुलसी के सेवन से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है in hindi, तेज दर्द के लिए तुलसी का तेल in hindi, Tej dard ke liey tulsi ka tel in hindi, तुलसी का तेल तेज दर्द के लिए लाभदायक होता है in hindi, धुम्रपान के त्याग में मददगार in hindi, Dhumrapan ke tyag mein madadagar in hindi, तुलसी में ऐसे तत्व होते है जो तनाव को कम करते है जिसके कारण धुम्रपान की आवश्यकता नही पड़ती in hindi, दस्त-उल्टी में फायदेकार in hindi, Dast-ultee mein phayadekar in hindi, तुलसी की कुछ पत्तियों को पीसकर उसमें शहद और जीरा पाउडर मिलाकर पीने से दस्त में लाभकारी होता है in hindi,  तुलसी के पत्तों के रस में अदरक और इलायची पाउडर मिलाकर पीने से उल्टी में लाभकारी होता है in hindi, लगातार सिर र्दद से पीड़ितों के लिए in hindi, Lagataar sir dard se peediton ke liey in hindi, तुलसी के पत्तों को दूध में मिलाकर पीनेे से सिर दर्द की समस्या दूर हो जाती है in hindi, तुलसी पत्तों के सेवन से मनुष्य की स्वास्थ्य प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है in hindi, Tulsi patton ke sevan se manushya ki swasthya pratirodhak kshamta badhti hai in hindi, तुलसी पत्ती के प्रतिदिन सेवन से सामान्य बुखार से बचाव होता है इससे रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है और किसी भी मौसम का प्रभाव नही पड़ता in hindi, तुलसी पत्ते को चबाना हानिकारक  in hindi, Tulsi patte ko chabana hanikarak in hindi, तुलसी के पत्तों में पारा धातु के तत्व मौजूद होते है जो कि चबाने से दांतों पर लग जाते हैं और जो कि दांतों के लिए नुकसानदायी होते है। इसलिए तुलसी पत्ते को चबाने नही बल्कि निगल लेना चाहिए in hindi, Use of Tulsi for healthy health in hindi, Instantly effective for winter cold in hindi, If in winter cold,If there is a mixture of tulsi leaves with black pepper, mishri and make a decoction and get relief quickly. In hindi, Quickly get relief from injury in hindi, By making a mixture tulsi leaves with alum & applying on the wound improves quickly in hindi, Very beneficial for breathing sufferers in hindi, Mixture of tulsi leaves and black salt, it provides relief to the breathing sufferers in hindi, Mental stress goes away in hindi, Drink tulsi leaves mixed with tea, it provides relief from fatigue and stress in hindi, Very beneficial for stone victims in hindi, By mixing tulsi leaves with milk, the stomach disease gets cured quickly in hindi, Acne scars goes away in hindi, Grinding tulsi leaves on the mouth and scratched stains are removed in hindi, Relief mouth stench in hindi, By eating tulsi the odor of the mouth is removed in hindi, Tulsi oil for acute pain in hindi, Tulsi oil is beneficial for acute pain in hindi, Help to quit smoking in hindi in hindi, Tulsi have these elements that reduce stress, which does not require smoking in hindi, Relief from Diarrhea & vomiting in hindi, For the victims of continuous headache in hindi, Tulsi leaves increases the health resistant capacity of humans in hindi, Daily consumption of tulsi leaves is protected from normal fever, this increases the power of fighting diseases and does not affect any weather in hindi, Tulsi leaves chew is harmful in hindi, इन चीजों से सर्तक रहे in hindi, In cheejon se sartak rahe in hindi, तुलसी का सूखा पौधा नही रखना चाहिए यदि घर में लगा तुलसी का पौधा सूख जाता है तो उसे पवित्र पानी में समर्पित कर देना चाहिए in hindi, तुलसी का सूखा पौधा घर में अशुभ संकेत माना जाता है in hindi, तुलसी का सुखा पौधा हटाने के शीघ्र ही दूसरा पौधा लगा देना चाहिए in hindi, तुलसी के घर में होने से समस्त आर्थिक स्थिति अच्छी हो जाती है तथा नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नही कर पाती in hindi, घर में सदैव सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है in hindi, तुलसी के घर में होने से बुरी नजर का असर नही होता सभी प्रकार से नकारात्मक ऊर्जा का अंत होता है in hindi, धर्म शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पत्ते एकादशी, रविवार, सूर्य या चन्द्र ग्रहण के दिन को नही तोड़ना चाहिए in hindi, प्रतिदिन तुलसी के समीप दीपक उज्जवलित करना चाहिए ऐसा करने से लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है in hindi, Be careful with these things in hindi, Tulsi dried plants should not be kept if the tulsi plant is dried in the house, it  should dedicate it to holy water in hindi, Tulsi dry plant is considered an inauspicious sign in the house in hindi, The second plant should be planted soon after removing the dry tusli plants in hindi, Being in the house of Tulsi improves all the economic condition and negative Benergy can not enter the house in hindi, There is always the habit of positive energy in the house in hindi, Being in Tulsi does not have a bad effect in house, negative energy is the end of all types in hindi, According to religious scriptures the leaves of Tulsi should not be broken on the day of Ekadashi, Lunar eclipse day, Solar eclipse day in hindi, Every day lit should be near tulsi, by doing so Lakshmi's grace always remains in hindi, Tulsi health benefits in hindi, Tulsi ke fayde in hindi, Tulsi plant in hindi, Tulsi ke shakti in hindi, Tulsi poojniya in hindi, pavir tulsi in hindi, Tulsi se labh in hindi, Tulsi side effects in hindi, Tulsi ka upyog in hindi, Tulsi leaf in hindi, tulsi leaves in hindi, Tulsi herb in hindi, tulsi hindi, tulsi ka upyog in hindi, tulsi ka priyog in hindi, Tulsi uttam for health in hindi, sirf tulsi in hindi, tulsi hi tulsi in hindi, tulsi ki poorn jankari in hindi, samast vishwa ke liye tulsi hin hindi, पवित्रता-की-शक्ति-तुलसी, Pavitrata-ki-shakti-tulsi, tulsi ki shakti in hindi, तुलसी की शक्ति  in hindi, tulsi in hindi, tulsi leaves in hindi, pavitrata se tulsi in hindi, tulsi tree hindi, shakti se tulsi in hindi, sakshambano in hindi, संक्षमबनों इन हिन्दी में, संक्षम बनों इन हिन्दी में, sakshambano in hindi, saksham bano in hindi, क्यों सक्षमबनो इन हिन्दी में, क्यों सक्षमबनो अच्छा लगता है इन हिन्दी में?, कैसे सक्षमबनो इन हिन्दी में? 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पवित्रता की शक्ति तुलसी 
(Pavitrata Ki Shakti Tulsi)
  • सावर्णि मुनि की पुत्री बहुत सुन्दर थी, उनकी इच्छा थी कि उनका विवाह भगवान विष्णु के साथ हो। तब उन्होंने नारायण पर्वत में स्थित बदरीवन में घोर तपस्या की, इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रहमा जी ने अपनी इच्छा अनुसार वर मांगने को कहा। तुलसी ने परमपिता ब्रहमा जी से कहा, आप तो सब जानते है फिर भी मैं अपनी इच्छा बताती हूं, मुझे भगवान श्री विष्णु की पति के रूप में प्राप्ति हो। ब्रहमा जी ने कहा तुम्हारी इच्छा अवश्य पूरी होगी, अपने पूर्व जन्म में किसी अपराध के कारण तुम्हें शाप मिला है।  इसी प्रकार भगवान श्री नारायण के एक भक्त को भी दानव कुल में जन्म लेने का शाप मिला। दानव कुल में जन्म लेने के बाद भी उसमें श्री नाराणण का अंश विद्यमान रहेगा। इसलिए इस जन्म में सम्पूर्ण नारायण तो नही, नारायण के अंश से युक्त दानव कुल में जन्मे शापग्रस्त शंखचूड से तुम्हारा विवाह होगा। शाप मुक्त होने के बाद श्री नाराण सदा-सदा के लिए तुम्हारे पति हो जायेंगे। धर्म शास्त्रों के अनुसार तुलसी एक स्त्री जिसका नाम वृंदा था। पूर्व जन्म में शाप मिला जिसके कारण राक्षस कुल में जन्म हुआ। वृंदा बचपन से ही भगवान विष्णु की परम भक्त थी और नियमित भगवान की पूजा करती थी। जब वह बड़ी हुई उसका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हुआ। भगवान शिव के आंख का तेज जब समुद्र में गिरा और इसी से जलंधर की उत्पत्ति हुई जिसे शंखचूड से भी जाना जाता है। वृंदा पतिव्रता स्त्री थी वह सदा अपने पति की सेवा करती थी। एक समय ऐसा आया जब देवताओं और दानवों में भयंकर युद्ध हुआ। युद्ध में जाते समय वृंदा ने अपने पति से कहा आप जब तक युद्ध में रहेगें में पूजा में बैठकर आपकी जीत के लिए अनुष्ठान करूंगी। जब तक आप वापस नही आते मैं पूजा  करती रहूंगी। वृंदा के तपोबल से देवताओं की शक्ति क्षीण होने लगी और इस भय के कारण भगवान विष्णु की शरण में पहुंच गये।  उन्होंने भगवान विष्णु से आप बीती सुनाई भगवान विष्णु ने कहा वृंदा मेरी परम भक्त है, मैं उसके साथ अन्याय नहीं कर सकता।
  • देवताओं ने भगवान विष्णु से इसका समाधान करने का अनुरोध किया। तब श्री हरि ने जलंधर का ही रूप धारण करके वृंदा के महल में पहुंच गये।  जैसे ही वृंदा ने उन्हें देखा वह पूजा से उठ कर उनके चरण छू लिये। इतने में उनका संकल्प टूटा और जलंधर का कटा सिर वृंदा के समीप गिरा। जब यह सब वृंदा ने देखा, तब उसने पूछा तुम कौन हो? जिसके चरण मैंने स्पर्श किये। श्री हरि अपने वास्तविक रूप आये और कुछ नही बोल सके। वृंदा ने श्री हरि को श्राप दिया कि तुम पत्थर बन जाओगे। तभी देवताओं में हाहाकार होने लगा, माता लक्ष्मी रोने हुए वृंदा से प्रार्थना करने लगी, तब वृंदा ने भगवान श्री हरि को वैसा ही कर दिया और अपने पति का सिर लेकर सती हो गई। उस राख से एक पौध निकला, तब भगवान विष्णु बोले आज से इस एक पौधे नाम तुलसी है। और मेरा यह रूप इस पत्थर में रहेगा, जिसे शालिग्राम नाम से जाना जाएगा। भगवान विष्णु ने कहा- देवी तुम्हारे और शंखचूड के कल्याण के लिए मुझे ऐसा करना पड़ा। तुम दोनों को श्रापमुक्त करना था, इसलिए अब तुम तुलसी बिरवा के रूप में जन्म लोगी और मेरी पूजा तुलसी दल से होगी। मैं शालीग्राम पत्थर बनूंगा, मेरे शीश पर तुम आदर से विराजमान रहोगी। तुम्हारे पति की हड्डियों केेे चूर्ण से शंख की उत्पत्ति होगी, उससे शंख ध्वनि से देवताओं तथा मेरी पूजा होगी। तुमने पूर्व जन्म में बदरीवन में मुझे पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।  अब अगले जन्म में नारायण के रूप में बद्रीनाथ वन में स्थापित रहूंगा,  मेरी पूजा अर्चना फल-फूल से न होकर तुलसी दल से होगी।
स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए तुलसी का उपयोग 
(Swasth swasthya ke liey tulsi ka upayog) 
  • तुरन्त असरदार सर्दी जुकाम के लिए- सर्दी जुकाम में अगर तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च, मिश्री को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से शीघ्र आराम मिलता है।
  • कटे-घाव से शीघ्र आराम मिलता है- तुलसी के पत्तों के साथ फिटकरी का मिश्रण बनाकर लगाने से घाव शीघ्र ठीक हो जाता है।
  • श्वास पीड़ितों के लिए अति लाभदायक- तुलसी के पत्तों और काले नमक का मिश्रण करके सेवन करने से श्वास पीड़ितों को आराम मिलता है।
  • मानसिक तनाव दूर होता है- तुलसी के पत्तों को चाय में मिलाकर पीनेे से थकान व तनाव से आराम मिलता है।
  • पथरी पीड़ितों के लिए- तुलसी के पत्तों को दूध में मिलाकर पीनेे से पथरी रोग शीघ्र ठीक हो जाता है।
  • मुहांसे दाग धब्बे दूर हो जाते है- तुलसी के पत्तों को पीस कर मुंह पर लगाने से मुहांसे दाग धब्बे दूर हो जाते है।
  • मुहं की दुर्गंध से छुटकारा- तुलसी के सेवन से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।
  • तेज दर्द के लिए तुलसी का तेल :  तुलसी का तेल तेज दर्द के लिए लाभदायक होता है।
  • धुम्रपान के त्याग में मददगार- तुलसी में ऐसे तत्व होते है जो तनाव को कम करते है जिसके कारण धुम्रपान की आवश्यकता नही पड़ती।
  • दस्त-उल्टी में फायदेकार- तुलसी की कुछ पत्तियों को पीसकर उसमें शहद और जीरा पाउडर मिलाकर पीने से दस्त में लाभकारी होता है। तुलसी के पत्तों के रस में अदरक और इलायची पाउडर मिलाकर पीने से उल्टी में लाभकारी होता है।
  • लगातार सिर र्दद से पीड़ितों के लिए- तुलसी के पत्तों को दूध में मिलाकर पीनेे से सिर दर्द की समस्या दूर हो जाती है।
  • तुलसी पत्तों के सेवन से मनुष्य की स्वास्थ्य प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है- तुलसी पत्ती के प्रतिदिन सेवन से सामान्य बुखार से बचाव होता है इससे रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है और किसी भी मौसम का प्रभाव नही पड़ता।
  • तुलसी पत्ते को चबाना हानिकारक- तुलसी के पत्तों में पारा धातु के तत्व मौजूद होते है जो कि चबाने से दांतों पर लग जाते हैं और जो कि दांतों के लिए नुकसानदायी होते है। इसलिए तुलसी पत्ते को चबाने नही बल्कि निगल लेना चाहिए।
इन चीजों से सर्तक रहे 
(In cheejon se sartak rahe)
  • तुलसी का सूखा पौधा नही रखना चाहिए यदि घर में लगा तुलसी का पौधा सूख जाता है तो उसे पवित्र पानी में समर्पित कर देना चाहिए।
  • तुलसी का सूखा पौधा घर में अशुभ संकेत माना जाता है। 
  • तुलसी का सुखा पौधा हटाने के शीघ्र ही दूसरा पौधा लगा देना चाहिए।
  • तुलसी के घर में होने से समस्त आर्थिक स्थिति अच्छी हो जाती है तथा नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नही कर पाती। 
  • घर में सदैव सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है।
  • तुलसी के घर में होने से बुरी नजर का असर नही होता सभी प्रकार से नकारात्मक ऊर्जा का अंत होता है।
  • धर्म शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पत्ते एकादशी, रविवार, सूर्य या चन्द्र ग्रहण के दिन को नही तोड़ना चाहिए।
  • प्रतिदिन तुलसी के समीप दीपक उज्जवलित करना चाहिए ऐसा करने से लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
Sanctity strength of Tulsi
  • The daughter of Sawrani Muni was very beautiful she wanted his marriage to be with Lord Vishnu. Then she did hard austerity in Badrivan situated in Narayana Parvat (Uttrakhand), being pleased with penance, Brahma ji asked for her blessing according to she wish. Tulsi said to Parampita Brahma ji you all know, still I tell my wishes, I want to get Bhagwan Vishnu as the husband. Brahma ji said that your wish will be fulfilled. You have been cursed because of any guilt in your former life, similarly a devotee of Lord Narayana also got the curse of being born in the demon mass. Even after being born in demon caste & part of Shri Narayana will remain in it. Therefore in this birth you will not be married to the whole of Narayana but you will be married a part of Narayan  cursed shankhchood he will be born in the demon caste. After the curse free Shri Narayana will be your husband forever. Tulsi was a woman named Vrinda according to religious scriptures. She got cursed in previous birth, due to this she was born in the monster caste. Vrinda was the ultimate devotee of Lord Vishnu from childhood and worshiped the regular god. When she grew up, she got married to Jalandhar in the demon caste. Jalandhar was born in the sea with Lord Shiva's eyes glow fell into the sea then origin of Jalandhar in the sea, which is also known by the shankhachood. She was always serve her husband. There was a time when there was started battle between the gods and the demons. While going to war Vrinda told her husband till then you have in battle, I will sitting in worship & rite for your victory till then you do not come back, I will continue to worship. The power of the gods began to weaken with the devotion of Vrinda and due to this fear reached the refuge of Lord Vishnu then he narrated to about it to Lord Vishnu. Lord Vishnu said Vrunda is my ultimate devotee I can not do injustice with her.
  • The gods requested Lord Vishnu to resolve it. Then Bhagwan Vishnu came into the palace of Vrinnda after form Jalandhar. As she saw him, she got up from worship and touched his feet. Such as away from worship soon Jalandhar's chopped head fell near Vrinda. When Vrinda saw this, then he asked who are you? Whose feet I touched. Bhagwan Vishnu came to his true form and Can't say anything else, Vrinda cursed Bhagwan Vishnu you will become the stone. All the gods become disturbed, Maa Lakshmi started crying & began to pray to Vrunda, then Vrinda gave the same form of Lord Shri Hari, she took Husband's head & became sati. A plant grow of that ash, Lord Vishnu said today this plant named is Tulsi. And this form of mine will be in this stone, which will be known as Shaligram. Lord Vishnu said - I did as so for the welfare of goddess you and shankhachud. Both of you had to make the curse free, so now you will be born as Tulsi Birva and my worship will be from Tulsi Dal. I will be shaligram stone, You will remain seated with respect to my crown, Your husband's bone will produce for conch, from him the conch sound will be the gods and my worship. You used You had worship in Badrivan in our previous birth. Now I will be established in Badrinath as Narayan, my worship will be from the Tulsi, not to the flowers.
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बुध के लिए मां दुर्गा की पूजा 
बृहस्पति के लिए श्रीहरि की पूजा 
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शुक्र के लिए माँ लक्ष्मी या माँ गौरी की पूजा 
शनि के लिए श्रीकृष्ण या भगवान शिव की पूजा  

Tulsi for healthy health 
  • Instantly effective for winter cold : In the winter if make mixture of  tulsi leaves with black pepper, mishri and after make  decoction then drink it, it gives relief quickly.
  • Quickly relief from injury : Make mixture of alum &  tulsi leaves then applying on  wound it gives relief quickly.
  • Very beneficial for breath sufferers : Make mixture of tulsi leaves and black salt, it gives relief  for breath sufferers.
  • Mental stress goes away : Drink tea with tulsi leaves it provides relief from fatigue and stress.
  • Very beneficial for stone victims : Drink milk with tulsi leaves the stomach disease gets cured quickly.
  • Acne scars goes away : Grinding Tulsi leaves & applying on face all types scratches stains are remove.
  • Relief with stinky-mouth : By eating tulsi it removes mouth odor.
  • Tulsi oil for acute pain : Tulsi oil is beneficial for acute pain.
  • Helps to quit smoking : Tulsi have these elements that reduce stress and by this does not require smoking.
  • Relief from Diarrhea & vomiting : Grind some leaves of tulsi and mix honey and cumin powder in it and drink, it is beneficial in diarrhea, Mix ginger, cardamom powder in juice of tulsi leaves and drink it, it is beneficial in vomiting.
  • For the victims of continuous headache : Drink milk with tulsi leaves, problem of headache goes away.
  • Tulsi leaves increases the health resistant capacity of humans : Eat  tulsi leaves daily, it protected from normal fever & increases the power of fighting diseases and not affect with any season.
  • Tulsi leaves chew is harmful :  The elements of Tulsi, mercury metal which is used to chew on teeth and which is damaging to the teeth. Therefore not to chew the tulsi leaves but to swallow.
Be careful with these things 
  • The dried plants of Tulsi should not be kept, if the tulsi plant is dried in the house, it should dedicate it to holy water.
  • Tulsi dry plant is considered an inauspicious sign in the house.
  • The second plant should be planted soon after removing the dry tusli plants.
  • Being in the house of Tulsi improves all the economic condition and negative energy can not enter the house.
  • There is always positive energy in the house.
  • Being Tulsi in house there is not a bad effect in house & all types of negative energy remove.
  • According to religious scriptures the leaves of Tulsi should not be broken on the day of Ekadashi, Lunar eclipse day, Solar eclipse day.
  • Every day lamp should be burn near Tulsi by doing so Lakshmi's grace always remains.
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