प्रसन्नता का प्रतीक-बसंत पंचमी - Prasanata Ka Prateek-Basant Panchmi

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प्रसन्नता का प्रतीक-बसंत पंचमी  Prasanata ka prateek-basant panchmi सृष्टि के रचियता ब्रहमा जी ने जीवों और मनुष्यों की रचना की लेकिन इसके बाद भी वह संतुष्ट नही थे। क्योंकि पृथ्वी पर हर तरफ उदासी छाई हुई थी। तब ब्रहमा जी ने भगवान विष्णु की अनुमति लेकर अपने कमडंल से जल की कुछ बूंदे पृथ्वी पर छिड़की, जिससे चार भुजाओं वाली देवी सरस्वती प्रकट हुई। देवी सरस्वती के एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ में मुद्रा था। इसके अलावा अन्य हाथों में पुस्तक और माला थी। सृष्टि की रचना के बाद देवी सरस्वती ने सभी प्राणियों  को वाणी के साथ-साथ बुद्धि और विद्या प्रदान की।  भगवान श्री कृष्ण ने देवी सरस्वती को वरदान दिया था कि बंसत पंचमी के दिन तुम्हारी पूजा की जायेगी और धर्मिक पुराणों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के प्रकट होने का शुभ दिन माना जाता है। बंसत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और देवी सरस्वती को ज्ञान, कला, बुद्धि, गायन की देवी माना जाता है। बंसत का रंग पीला होता है और इसे देखकर खुखी का एहसास होता है, पीला रंग सुख-समृद्धि का प्रतीक है। बंसत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है इसलिए इस दिन पीले वस्त्र पहनकर देवी सरस्वती अराधना की जाती है। पीले पुष्प देवी सरस्वती को अति प्रिय है और पीली वस्तु का भोग लगाने से मां सरसवती की अपार कृपा की प्राप्ति होती है। पूजा में काॅपी और पेन जरूर शामिल करें इससे बुध की स्थिति अनुकूल होती है जिसके कारण बुद्धि और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।  इस दिन किसी भी कार्य को करना बुहत शुभ फलदायाक माना जाता है इसलिए इस दिन नींव, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, व्यापार, मांगलिक कार्य प्रारम्भ करना शुभ माना जाता है। इस दिन बच्चों को शिक्षा आरम्भ करना शुभ माना जाता है।  Symbol of happiness- Basant Panchami Brahma ji is the creator of creation, created living beings and humans but after this he was not satisfied. Because the sadness was on every side of the earth. Then Brahma ji took the permission of Lord Vishnu, some drops of water sprinkled on your kamandal, Whereby the four-headed goddess Saraswati appeared. The Goddess Saraswati had a harp in one hand and the other was the posture. Apart from this, the other hand had books and mala. After creation, Goddess Saraswati gave voice and knowledge along with speech to all beings. Lord Krishna gave a boon to Goddess Saraswati that you will be worshiped on the day of Basant Panchami. According to Dharmik Purana, on the day of Basant Panchami it is considered auspicious day for Maa Saraswati to appear. Goddess Saraswati is worshiped on the day of Basant Panchami, Goddess Saraswati is considered to be Goddess of knowledge, art, intellect and singing, the color of spring is yellow and it feels happy to see it. Yellow color is a symbol of happiness and prosperity. Yellow color has special significance on Basant Panchami, Therefore on this day wearing yellow clothes, Goddess Saraswati is worshiped. The yellow flower goddess is very dear to Saraswati and the indulgence of the yellow thing is blessed with the blessings of Maa Saraswati. Include Copy and Pen in Pooja by this Mercury has favorable conditions because of which intelligence and memory power increase.  To do any work on this day is considered very good therefore it is considered auspicious to start foundation, house entry, buying a vehicle, trading, demanding work on this day. It is considered auspicious for children to start teaching on this day. प्रसन्नता-का-प्रतीक-बसंत-पंचमी, Prasanata-ka-prateek-basant-panchmi-in-hindi, Symbol-of-happiness-Basant-Panchami-in-hindi,संक्षमबनों इन हिन्दी में, संक्षम बनों इन हिन्दी में, sakshambano in hindi, saksham bano in hindi, क्यों सक्षमबनो इन हिन्दी में, क्यों सक्षमबनो अच्छा लगता है इन हिन्दी में?, कैसे सक्षमबनो इन हिन्दी में? सक्षमबनो ब्रांड से कैसे संपर्क करें इन हिन्दी में, सक्षमबनो हिन्दी में, सक्षमबनो इन हिन्दी में, सब सक्षमबनो हिन्दी में,अपने को सक्षमबनो हिन्दीं में, सक्षमबनो कर्तव्य हिन्दी में, सक्षमबनो भारत हिन्दी में, सक्षमबनो देश के लिए हिन्दी में,खुद सक्षमबनो हिन्दी में, पहले खुद सक्षमबनो हिन्दी में, एक कदम सक्षमबनो के ओर हिन्दी में, आज से ही सक्षमबनो हिन्दीें में,सक्षमबनो के उपाय हिन्दी में, अपनों को भी सक्षमबनो का रास्ता दिखाओं हिन्दी में, सक्षमबनो का ज्ञान पाप्त करों हिन्दी में,सक्षमबनो-सक्षमबनो हिन्दीें में, kiyon saksambano in hindi, kiyon saksambano achcha lagta hai in hindi, kaise saksambano in hindi, kaise saksambano brand se sampark  in hindi, sampark karein saksambano brand se in hindi, saksambano brand in hindi, sakshambano bahut accha hai in hindi, gyan ganga sakshambnao se in hindi, apne aap ko saksambano in hindi, ek kadam saksambano ki or in hindi,saksambano phir se in hindi, ek baar phir saksambano in hindi, ek kadam saksambano ki or in hindi, self saksambano in hindi, give advice to others for saksambano, saksambano ke upaya in hindi, saksambano-saksambano india in hindi, saksambano-saksambano phir se in hindi,, आई-बसंत-पंचमी-खुशियाँ-लाई hindi, basant panchami hindi, basant panchami ke barein mein hindi, basant panchami kya hai hindi, basant panchami ka mahatva hindi, basant panchami ki prampra hindi, basant panchami subh din hindi, basant panchami ka din subh hota hai hindi, pile ka pratik basant panchami hindi, basant panchami ka prateek basant panchami hindi, basant panchami aayee hai hindi,


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प्रसन्नता का प्रतीक-बसंत पंचमी
(Prasanata ka prateek-basant panchmi in hindi)
  • सृष्टि के रचियता ब्रहमा जी ने जीवों और मनुष्यों की रचना की लेकिन इसके बाद भी वह संतुष्ट नही थे। क्योंकि पृथ्वी पर हर तरफ उदासी छाई हुई थी। तब ब्रहमा जी ने भगवान विष्णु की अनुमति लेकर अपने कमडंल से जल की कुछ बूंदे पृथ्वी पर छिड़की, जिससे चार भुजाओं वाली देवी सरस्वती प्रकट हुई। देवी सरस्वती के एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ में मुद्रा था। इसके अलावा अन्य हाथों में पुस्तक और माला थी। सृष्टि की रचना के बाद देवी सरस्वती ने सभी प्राणियों  को वाणी के साथ-साथ बुद्धि और विद्या प्रदान की। भगवान श्री कृष्ण ने देवी सरस्वती को वरदान दिया था कि बंसत पंचमी के दिन तुम्हारी पूजा की जायेगी और धर्मिक पुराणों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के प्रकट होने का शुभ दिन माना जाता है। बंसत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और देवी सरस्वती को ज्ञान, कला, बुद्धि, गायन की देवी माना जाता है। बंसत का रंग पीला होता है और इसे देखकर खुखी का एहसास होता है, पीला रंग सुख-समृद्धि का प्रतीक है। बंसत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है इसलिए इस दिन पीले वस्त्र पहनकर देवी सरस्वती अराधना की जाती है। पीले पुष्प देवी सरस्वती को अति प्रिय है और पीली वस्तु का भोग लगाने से मां सरसवती की अपार कृपा की प्राप्ति होती है। पूजा में काॅपी और पेन जरूर शामिल करें इससे बुध की स्थिति अनुकूल होती है जिसके कारण बुद्धि और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है। इस दिन किसी भी कार्य को करना बुहत शुभ फलदायाक माना जाता है इसलिए इस दिन नींव, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, व्यापार, मांगलिक कार्य प्रारम्भ करना शुभ माना जाता है। इस दिन बच्चों को शिक्षा आरम्भ करना शुभ माना जाता है।
(Symbol of happiness- Basant Panchami)
  • Brahma ji is the creator of creation, created living beings and humans but after this he was not satisfied. Because the sadness was on every side of the earth. Then Brahma ji took the permission of Lord Vishnu, some drops of water sprinkled on your kamandal, Whereby the four-headed goddess Saraswati appeared. The Goddess Saraswati had a harp in one hand and the other was the posture. Apart from this, the other hand had books and mala. After creation, Goddess Saraswati gave voice and knowledge along with speech to all beings. Lord Krishna gave a boon to Goddess Saraswati that you will be worshiped on the day of Basant Panchami. According to Dharmik Purana, on the day of Basant Panchami it is considered auspicious day for Maa Saraswati to appear. Goddess Saraswati is worshiped on the day of Basant Panchami, Goddess Saraswati is considered to be Goddess of knowledge, art, intellect and singing, the color of spring is yellow and it feels happy to see it. Yellow color is a symbol of happiness and prosperity. Yellow color has special significance on Basant Panchami, Therefore on this day wearing yellow clothes, Goddess Saraswati is worshiped. The yellow flower goddess is very dear to Saraswati and the indulgence of the yellow thing is blessed with the blessings of Maa Saraswati. Include Copy and Pen in Pooja by this Mercury has favorable conditions because of which intelligence and memory power increase. To do any work on this day is considered very good therefore it is considered auspicious to start foundation, house entry, buying a vehicle, trading, demanding work on this day. It is considered auspicious for children to start teaching on this day.