‎माँ काली के 108 नाम

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मंगलमयी जीवन के लिए कालरात्रि की पूजा हिन्दी में, कालरात्रि  पूजा हिन्दी में, माँ शक्ति का सातवाँ स्वरूप माँ कालरात्रि है हिन्दी में काला वर्ण होने के कारण इन्हें कालरात्रि कहा गया हिन्दी में,  दानवों के राजा रक्तबीज का संहार करने के लिए माँ दुर्गा ने अपनी शक्ति से इन्हें उत्पन्न किया था हिन्दी में,  असुरों का वध करने के लिए माँ दुर्गा बनी कालरात्रि। माँ कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला हिन्दी में,  बाल बिखरे हुए हिन्दी में,  गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला हिन्दी में,  एक हाथ मैं कटार हिन्दी में,  दूसरे हाथ में लोहे का कांटा हिन्दी में,  दो हाथों वरमुद्रा हिन्दी में,  अभय मुद्रा हिन्दी में,  माँ कालरात्रि के तीन नेत्र है हिन्दी में, तथा इनके श्वास से अग्नि निकलती है हिन्दी में, माँ कालरात्रि का वाहन गधा है हिन्दी में, कालरात्रि पूजा  से अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात्रि-भय आदि कभी नहीं होते हिन्दी में, माँ कालरात्रि की उत्पत्ति हिन्दी में, दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा रखा था हिन्दी में,  इससे चिंतित होकर सभी देवतागण शिव जी के पास गए हिन्दी में,  समस्या का समाधान करने की प्रार्थना की हिन्दी में,  महादेव ने देवी पार्वती से अपने भक्तों की रक्षा करने को कहा हिन्दी में,  शिव जी की बात मानकर पार्वती जी ने दुर्गा का रूप धारण किया हिन्दी में,  शुंभ-निशुंभ का वध कर दिया हिन्दी में,  परंतु जैसे ही माँ दुर्गा ने रक्तबीज को मारा उसके शरीर से निकले रक्त से लाखों रक्तबीज उत्पन्न हो गए हिन्दी में,  इसे देख माँ दुर्गा ने अपने तेज से कालरात्रि को उत्पन्न किया हिन्दी में, माँ दुर्गा जी ने रक्तबीज को मारा हिन्दी में, शरीर से निकलने वाले रक्त को कालरात्रि ने अपने मुख में भर लिया हिन्दी में, सबका गला काटते हुए रक्तबीज का वध कर दिया हिन्दी में, माँ कालरात्रि पूजा से विघ्न-बाधायें दूर होती है हिन्दी में, सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है हिन्दी में, हिन्दी में, इस दिन ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगते है हिन्दी में, देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माँ काली हिन्दी में,  महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, मृत्यु, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई रूपों में से एक माना जाता है हिन्दी में, माँ कालरात्रि से सभी राक्षस, भूत, प्रेत, पिसाच और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है हिन्दी में, और जो उनके नाम से पलायन करते है हिन्दी में,  सभी प्रकार की ग्रह-बाधाए दूर होती है हिन्दी में,  इनके उपासकों को अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात्रि-भय आदि कभी नहीं होते हिन्दी में,  इनकी कृपा से वह सर्वथा भय-मुक्त हो जाता है हिन्दी में, माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है हिन्दी में, और दुश्मनों का नाश होता है हिन्दी में, काल का नाश करने वाली है इसलिए कालरात्रि कहलाती है हिन्दी में, माँ कालरात्रि अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती है हिन्दी में, इस कारण इन्हें शुभकरी भी कहा जाता है हिन्दी में, देवी का यह रूप ऋद्धि-सिद्धि प्रदान करता है हिन्दी में, माँ काली को गुड़ का भोग प्रिय है हिन्दी में, सप्तमी तिथि के दिन भगवती की पूजा में गुड़ अर्पित करके ब्राह्मण को दे देना चाहिए ऐसा करने से पुरुष शोकमुक्त हो सकता है हिन्दी में, मंगलमयी मंत्र हिन्दी में, एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी हिन्दी में, वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी हिन्दी में, या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता हिन्दी में, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः हिन्दी में, एक वेधी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता हिन्दी में, लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलाभ्यक्तशरीरिणी हिन्दी में, वामपदोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा हिन्दी में, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी हिन्दी में, ध्यान-साधना हिन्दी में, करालवंदना धोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम् हिन्दी में, कालरात्रिं करालिंका दिव्यां विद्युतमाला विभूषिताम हिन्दी में, दिव्यं लौहवज्र खड्ग वामोघोर्ध्व कराम्बुजाम् हिन्दी में, अभयं वरदां चौव दक्षिणोध्वाघः पार्णिकाम् मम हिन्दी में, महामेघ प्रभां श्यामां तक्षा चौव गर्दभारूढ़ा हिन्दी में, घोरदंश कारालास्यां पीनोन्नत पयोधराम्।। सुख पप्रसन्न वदना स्मेरान्न सरोरूहाम् हिन्दी में, एवं सचियन्तयेत् कालरात्रिं सर्वकाम् समृध्दिदाम् हिन्दी में, स्तोत्र-पाठ हिन्दी में, हीं कालरात्रि श्री कराली च क्लीं कल्याणी कलावती हिन्दी में, कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता हिन्दी में, कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी हिन्दी में, कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी हिन्दी में, क्लीं हीं श्रीं मर्न्त्वर्णेन कालकण्टकघातिनी हिन्दी में, कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा हिन्दी में, कालरात्रि कवच हिन्दी में, ऊँ क्लीं मे हृदयं पातु पादौ श्रीकालरात्रि हिन्दी में,ललाटे सततं पातु तुष्टग्रह निवारिणी हिन्दी में, रसनां पातु कौमारी, भैरवी चक्षुषोर्भम हिन्दी में, कटौ पृष्ठे महेशानी, कर्णोशंकरभामिनी हिन्दी में, वर्जितानी तु स्थानाभि यानि च कवचेन हि हिन्दी में, तानि सर्वाणि मे देवीसततंपातु स्तम्भिनी हिन्दी में,  देवी की पूजा के बाद शिव और ब्रह्मा जी की पूजा हिन्दी में, दुर्गा सप्तशती के प्रधानिक रहस्य में बताया गया है हिन्दी में, सृष्टि का निर्माण शुरू किया और ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश का प्रकटीकरण हुआ हिन्दी में, उससे पहले देवी ने अपने स्वरूप से तीन महादेवीयों को उत्पन्न किया हिन्दी में,  सर्वेश्वरी महालक्ष्मी ने ब्रह्माण्ड को अंधकारमय और तामसी गुणों से भरा हुआ हिन्दी में,  देखकर सबसे पहले तमसी रूप में जिस देवी को उत्पन्न किया वह देवी ही कालरात्रि है हिन्दी में,  देवी कालरात्रि ही अपने गुण और कर्मों द्वारा महामाया, महामारी, महाकाली, क्षुधा, तृषा, निद्रा, तृष्णा, एकवीरा, एवं दुरत्यया कहलाती हिन्दी में, kaalratri hindi, maa kalratri katha in hindi, maa kalratri story, maa kaalratri ke bare mein in hindi, maa kaalratri ka mahatva in hindi, maa kaalratri ki bhakti in hindi,  maa kaalratri pooja in hindi, maa kaalratri se mangal hi mangal in hindi, mangalamayee jeevan ke lie kaalratri ki pooja in hindi, maa kaalratri ki utpati in hindi, mangalmayee mantra in hindi, dhyan-sadhna in hindi, kaalratri kavach in hindi, maa kaalratri pooja se vighn-badhayen door hoti hai in hindi, kali in hindi, kaalratri in hindi, jai kaali in hindi, shri ganesh chandika in hindi, mahakali in hindi,aaj hi sakshambano in hindi, abhi se sakshambano in hindi, sakshambano se fayde in hindi, sakshambano ka fayda in hindi, sakshambano se labh in hindi, sakshambano se gyan ki prapti in hindi, sakshambano website in hindi, sakshambano in hindi, sakshambano in eglish, sakshambano meaning in hindi, sakshambano ka matlab in hindi, sakshambano photo, sakshambano photo in 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108 Names of Maa Kali
ॐ काल्यै नमः। Om Kalyai Namah। 
ॐ कपालिन्यै नमः। Om Kapalinyai Namah।
ॐ कान्तायै नमः। Om Kantayai Namah। 
ॐ कामदायै नमः। Om Kamadayai Namah। 
ॐ कामसुन्दर्यै नमः। Om Kamasundaryai Namah। 
ॐ कालरात्र्यै नमः। Om Kalaratryai Namah।
ॐ कालिकायै नमः।  Om Kalikayai Namah।
ॐ कालभैरवपूजितायै नमः। Om Kalabhairavapujitayai Namah।
ॐ कुरूकुल्लायै नमः। Om Kurukullayai Namah।
ॐ कामिन्यै नमः। Om Kaminyai Namah। 
ॐ कमनीयस्वभाविन्यै नमः। Om Kamaniyasvabhavinyai Namah। 
ॐ कुलीनायै नमः। Om Kulinayai Namah।
ॐ कुलकर्त्र्यै नमः। Om Kulakartryai Namah। 
ॐ कुलवर्त्मप्रकाशिन्यै नमः। Om Kulavartmaprakashinyai Namah। 
ॐ कस्तूरीरसनीलायै नमः। Om Kasturirasanilayai Namah।
ॐ काम्यायै नमः। Om Kamyayai Namah। 
ॐ कामस्वरूपिण्यै नमः। Om Kamasvarupinyai Namah। 
ॐ ककारवर्णनिलयायै नमः। Om Kakaravarnanilayayai Namah। 
ॐ कामधेन्वै नमः। Om Kamadhenvai Namah। 
ॐ कारालिकायै नमः।  Om Karalikayai Namah। 
ॐ कुलकान्तायै नमः। Om Kulakantayai Namah। 
ॐ करालास्यायै नमः। Om Karalasyayai Namah। 
ॐ कामार्तायै नमः। Om Kamartayai Namah। 
ॐ कलावत्यै नमः। Om Kalavatyai Namah। 
ॐ कृशोदर्यै नमः। Om Krishodaryai Namah। 
ॐ कामाख्यायै नमः। Om Kamakhyayai Namah। 
ॐ कौमार्यै नमः। Om Kaumaryai Namah।
ॐ कुलपालिन्यै नमः। Om Kulapalinyai Namah। 
ॐ कुलजायै नमः। Om Kulajayai Namah। 
ॐ कुलकन्यायै नमः। Om Kulakanyayai Namah। 
ॐ कलहायै नमः। Om Kalahayai Namah। 
ॐ कुलपूजितायै नमः। Om Kulapujitayai Namah। 
ॐ कामेश्वर्यै नमः। Om Kameshvaryai Namah। 
ॐ कामकान्तायै नमः। Om Kamakantayai Namah। 
ॐ कुञ्जेश्वरगामिन्यै नमः। Om Kunjeshvaragaminyai Namah। 
ॐ कामदात्र्यै नमः। Om Kamadatryai Namah। 
ॐ कामहर्त्र्यै नमः। Om Kamahartryai Namah। 
ॐ कृष्णायै नमः। Om Krishnayai Namah। 
ॐ कपर्दिन्यै नमः। Om Kapardinyai Namah। 
ॐ कुमुदायै नमः। Om Kumudayai Namah। 
ॐ कृष्णदेहायै नमः। Om Krishnadehayai Namah। 
ॐ कालिन्द्यै नमः। Om Kalindyai Namah। 
ॐ कुलपूजितायै नमः। Om Kulapujitayai Namah।
ॐ काश्यप्यै नमः। Om Kashyapyai Namah। 
ॐ कृष्णमात्रे नमः। Om Krishnamatre Namah। 
ॐ कुशिशाङ्ग्यै नमः। Om Kushishangyai Namah। 
ॐ कलायै नमः। Om Kalayai Namah। 
ॐ क्रींरूपायै नमः। Om Krimrupayai Namah। 
ॐ कुलगम्यायै नमः। Om Kulagamyayai Namah। 
ॐ कमलायै नमः। Om Kamalayai Namah। 
ॐ कृष्णपूजितायै नमः। Om Krishnapujitayai Namah। 
ॐ कृशाङ्ग्यै नमः। Om Krushangyai Namah। 
ॐ किन्नर्यै नमः। Om Kinnaryai Namah। 
ॐ कर्त्र्यै नमः। Om Kartryai Namah। 
ॐ कलकण्ठयै नमः। Om Kalakanthayai Namah। 
ॐ कार्तिक्यै नमः। Om Kartikyai Namah। 
ॐ कम्बुकण्ठ्यै नमः। Om Kambukanthyai Namah। 
ॐ कौलिन्यै नमः। Om Kaulinyai Namah। 
ॐ कुमुदायै नमः। Om Kumudayai Namah। 
ॐ कामजीविन्यै नमः। Om Kamajivinyai Namah। 
ॐ कुलस्त्रियै नमः। Om Kulastriyai Namah। 
ॐ कीर्तिकायै नमः। Om Kirtikayai Namah। 
ॐ कृत्यायै नमः। Om Krutyayai Namah। 
ॐ कीर्त्यै नमः। Om Kirtyai Namah। 
ॐ कुलपालिकायै नमः। Om Kulapalikayai Namah। 
ॐ कामदेवकलायै नमः। Om Kamadevakalayai Namah। 
ॐ कल्पलतायै नमः। Om Kalpalatayai Namah। 
ॐ कामाङ्ग्वर्धिन्यै नमः। Om Kamangvardhinyai Namah। 
ॐ कुन्तायै नमः। Om Kuntayai Namah। 
ॐ कुमुदप्रीतायै नमः। Om Kumudapritayai Namah। 
ॐ कदम्बकुसुमोत्सुकायै नमः। Om Kadambakusumotsukayai Namah। 
ॐ कादम्बिन्यै नमः। Om Kadambinyai Namah। 
ॐ मलिन्यै नमः। Om Kamalinyai Namah। 
ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः। Om Krishnanandapradayinyai Namah। 
ॐ कुमारीपूजनरतायै नमः। Om Kumaripujanaratayai Namah। 
ॐ कुमारीगणशोभितायै नमः। Om Kumariganashobhitayai Namah। 
ॐ कुमारीरञ्जनरतायै नमः। Om Kumariranjanaratayai Namah। 
ॐ कुमारीव्रतधारिण्यै नमः। Om Kumarivratadharinyai Namah।
ॐ कङ्काल्यै नमः। Om Kankalyai Namah। 
ॐ कमनीयायै नमः। Om Kamaniyayai Namah। 
ॐ कामशास्त्रविशारदायै नमः। Om Kamashastravisharadayai Namah। 
ॐ कपालखट्वाङ्गधरायै नमः। Om Kapalakhatvangadharayai Namah। 
ॐ कालभैरवरूपिण्यै नमः। Om Kalabhairavarupinyai Namah। 
ॐ कोटर्यै नमः। Om Kotaryai Namah। 
ॐ कोटराक्ष्यै नमः। Om Kotarakshyai Namah। 
ॐ काशीवासिन्यै नमः। Om Kashivasinyai Namah। 
ॐ कैलासवासिन्यै नमः। Om Kailasavasinyai Namah। 
ॐ कात्यायन्यै नमः। Om Katyayanyai Namah। 
ॐ कार्यकर्यै नमः। Om Karyakaryai Namah। 
ॐ काव्यशास्त्रप्रमोदिन्यै नमः। Om Kavyashastrapramodinyai Namah। 
ॐ कामाकर्षणरूपायै नमः। Om Kamakarshanarupayai Namah। 
ॐ कामपीठनिवासिन्यै नमः। Om Kamapithanivasinyai Namah। 
ॐ कङ्गिन्यै नमः। Om Kanginyai Namah। 
ॐ काकिन्यै नमः। Om Kakinyai Namah। 
ॐ क्रीडायै नमः Om Kridayai Namah। 
ॐ कुत्सितायै नमः। Om Kutsitayai Namah। 
ॐ कलहप्रियायै नमः। Om Kalahapriyayai Namah। 
ॐ कुण्डगोलोद्भवप्राणायै नमः। Om Kundagolodbhavapranayai Namah। 
ॐ कौशिक्यै नमः। Om Kaushikyai Namah। 
ॐ कीर्तिवर्धिन्यै नमः। Om Kirtivardhinyai Namah। 
ॐ कुम्भस्तन्यै नमः। Om Kumbhastanyai Namah।
ॐ कटाक्षायै नमः। Om Katakshayai Namah। 
ॐ काव्यायै नमः। Om Kavyayai Namah। 
ॐ कोकनदप्रियायै नमः। Om Kokanadapriyayai Namah। 
ॐ कान्तारवासिन्यै नमः। Om Kantaravasinyai Namah। 
ॐ कान्त्यै नमः। Om Kantyai Namah। 
ॐ कठिनायै नमः। Om Kathinayai Namah।