गोंद और गोंद कतीरा स्वास्थ्य के लिए औषधि-Gond & Gond Katira Medicines For Health

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गोंद और गोंद कतीरा स्वास्थ्य के लिए औषधि

(Gond & Gond Katira Medicines For Health)

गोंद कतीरा पेड़ से निकलने वाला चिपचिपा तरल पदार्थ होता है, जो हमें गोंद के रूप में मिलता है। यह देखने में सफेद और पीले रंग का होता है। इसे प्राप्त करने के लिए पेड़ के तने को चीरा लगाना पड़ता है और तने से एक तरल पदार्थ निकलता है, जिसे सूखने के लिए रख दिया जाता है और सूखने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन यह हर किसी पेड़ से नहीं निकलता है। यह हमें बबूल कीकर और नीम के पेड़ से प्राप्त होता है। इस गोंद में प्रोटीन और फोलिक एसिड जैसे बहुमूल्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में लाभदायक होते हैं। 

गोंद कतीरा और गोंद दोनों ही स्वास्थ्यवर्धक पदार्थ हैं व दोनों का औषधियों में तथा खाने की चीजें बनाने में उपयोग किया जाता है। दोनों पत्थर के छोटे छोटे टुकड़े जैसे होते हैं। दोनों दिखने में लगभग एक जैसे ही होते हैं। दोनों गहरे पीले और भूरे रंग के होते हैं। बाजार में मिलने वाले गोंद कतीरा व गोंद दोनों का आकार भी बराबर होता है। दोनों का प्रयोग खाद्य पदार्थों में किया जाता है। इसीलिए दोनों में फर्क कर पाना थोड़ा कठिन होता है। गोंद और गोंद कतीरा मे सिर्फ इतना सा अंतर है कि जब हम गोंद को पानी में भिगोते हैं तो ये पूरी तरीके से पानी मे घुल जाता है और गोंद कतीरा को पानी में जब हम भिगोते है तो ये सारा पानी सोख लेता है और जेल जैसा बन जाता हैं। 

गोंद /गोंद कतीरा में अंतर-Difference between Gond/Gond Katira

1) गोंद कतीरा के टुकड़ों में चमक नहीं होती जबकि गोंद में चमक होती है।

2) गोंद कतीरा के टुकड़ों में पीलापन ज्यादा होता है जबकि गोंद में भूरापन ज्यादा होता है।

3) गोंद कतीरा में में पानी डालकर भिगोया जाता है तो गोंद कतीरा में फूल कर भुरभुरी बर्फ जैसा लगता है

4) जबकि गोंद को पानी में भिगोने पर गोंद पानी में पूरी तरह घुल जाता है और केवल हल्के भूरे या पीले रंग का तरल पदार्थ ही रहता है।

गोंद के प्रकार -Type of Gond/Gond Katira

कीकर या बबूल का गोंदः कीकर और बबूल से प्राप्त होने वाला गोंद बहुत ही पौष्टिक होता है।

नीम का गोंदः नीम से प्राप्त होने वाला गोंद हमारे शरीर की रक्त संचार की गति को बढ़ाता है और साथ ही यह स्फूर्ति प्रदान करने वाला होता है, इस गोंद को ईस्ट इंडिया गम भी कहते हैं।

आम की गोंदः  आम से प्राप्त होने वाला गोंद रक्त प्रसादक होता है।

हींग गोंदः हींग भी एक प्रकार का गोंद ही होता है जो हमें फेरूला कुल (सौंफ की प्रजाति का) के तीन पौधों की जड़ों से निकला यह सुगंधित गोंद के रूप में प्राप्त होता है।

स्वास्थ्य के लिए गोंद /गोंद कतीरा का महत्व 

Importance of Gond/Gond Katira for health

दूध में मिलाकर करें गोंद कतीरा का सेवन (Consume Gond/Gond Katira by mixing it in milk) : गोंद कतीरा जो पेड़ से निकलने वाला एक पीले रंग का गोंद है। यह छूने में चिपचिपा, बदबूदार और बेस्वाद होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिये इसका सेवन गर्मियों में करना बेहद लाभकारी माना जाता है। गोंद कतीरे का प्रयोग कब्ज दूर करने, स्तन में वृद्धि, त्वचा रोग, प्रसव के बाद लगने वाली कमजारी आदि के लिये किया जाता है। यही नहीं अगर किसी को हृदय रोग का खतरा है तो वह भी इसके प्रयोग से दूर हो जाता है। गोंद कतीरा में ढेर सारा प्रोटीन और फॉलिक एसिड पाया जाता है। इसके सेवन से शरीर को तुरंत ताकत मिलती है। इसे खाने से खून गाढ़ा होता है। 20 ग्राम गोंद कतीरा को एक गिलास पानी या फिर दूध में भिगो कर रखें और फिर सुबह मिश्री मिलाकर शर्बत बनाकर पिएं।

वजन कम करने के लिए (For lose weight) : गोंद कतीरा शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। इसमें पाया जाने वाला हाई फाइबर कंटेंट अधिक समय तक भरा रखती है। इसका उपयोग करने के लिये एक चम्मच गोंद कतीरा रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें। इसके बाद एक गिलास दूध में शहद, गुड़ के साथ सेवन करें। 

मुंह के छाले के लिए लाभकारी (Beneficial for mouth ulcers) : अल्सर के कारण होने वाली सूजन, लालिमा और दर्द को कम करने के लिए  लाभकारी होता है। गोंद कतीरा का बारीक पिसा हुआ पेस्ट बनाएं और तुरंत राहत के लिए अपने छालों पर लगाएं।

हड्डियां मांसपेशियों के लिए फायदेमंद (Bones are beneficial for muscles) : यह हड्डियां मजबूत करता है और मांसपेशियों को मजबूत कर उन्हें लचीला बनाता है। खास तौर से रीढ़ की हड्डी के लिए इसका सेवन बेहद फायदेमंद है।

हार्ट अटैक से बचाता (Prevents Heart Attack) :  रोजाना भुनी हुई गोंद का सेवन करना हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है। हृदय संबंधी अन्य रोगों के लिए भी यह फायदेमंद है।

गठिया रोग के लिए फायदेमंद (Beneficial for arthritis) : गोंद  के लड्डू गठिया के लिए अच्छा है क्योंकि यह जोड़ों को चिकनाई देता है और पीठ और जोड़ों के दर्द के लिए राहत देता है।

कमजोरी को दूर करता है (Removes weakness) : कमजोरी को दूर करने के लिए भी गोंद के लिए बेहद लाभदायक है। यह थकान, चक्कर आना और माइग्रेन जैसी समस्याओं को भी दूर करता है।

कब्ज के लिए लाभकारी (Beneficial for constipation) : कब्ज के मरीजों के लिए गोंद का सेवन मददगार साबित होता है। दिन में 1 बार इसका सेवन आपकी इस समस्या को दूर कर सकता है।

महिलाओं के लिए लाभकारी (Beneficial for Women) : महिलाओं में पीरियड्स संबंधी समस्याओं, डिलवरी के बाद होने वाली कमजोरी, ल्यूकोरिया और अन्य समस्याओं को भी यह ठीक करता है। यदि मासिक धर्म अनियमित हैं तो गोंद कतीरा और मिश्री को साथ में पीस कर 2 चम्मच दूध में मिला कर सेवन करें। इसके अलावा गोंद के लड्डू भी बना कर खाए जा सकते हैं। यही नहीं बच्चा होने के बाद भी गोंद के लड्डू खाने पर कमजोरी और माहवारी की गड़बड़ी भी ठीक हो जाती है।


गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है इसीलिए इसे गर्मियों में उपयोग में लाया जाता है जबकि गोंद की तासीर गर्म होती है इसीलिए इसे सर्दियों में उपयोग में लाया जाता है।


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