Shukdev Ji was the son of maharishi veda vyasa
सुखदेव की उत्पत्ति की कथा भगवान शिव जी ने पार्वती जी को अमर मंत्र दिया। उस समय एक स्थान पर सूखा वृक्ष था। उसके नीचे आसन लगाया। कारण यह था ...
Read more »सुखदेव की उत्पत्ति की कथा भगवान शिव जी ने पार्वती जी को अमर मंत्र दिया। उस समय एक स्थान पर सूखा वृक्ष था। उसके नीचे आसन लगाया। कारण यह था ...
Read more »बुध देवता दिलाते हैं हर कामयाबी ( Budh Dev ensures every success) बुध ग्रह सब सुखों के लिए ब्रह्मास्त्र है (Mercury is the Brahmastra fo...
Read more »माता राजराजेश्वरी सिद्धपीठ उत्तराखंड (Mata Rajrajeshwari Sidhpeeth Uttrakhand) माता राजराजेश्वरी मंदिर की प्रमुख विशेषता प्राचीन 52 गढ़ों म...
Read more »महर्षि वशिष्ठ-Maharshi Vashisht ब्रह्मर्षि वशिष्ठ जी ब्रह्माजी के मानसपुत्र है। सृष्टि के प्रारम्भ में ही ब्रह्मा के प्राणो से उत्पन्न उन...
Read more »माँ चंद्रबदनी शक्तिपीठ Maa Chandrabadni Shakti Peeth माँ चंद्रबदनी मंदिर उत्तराखंड के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है, जिसकी एक विशिष्...
Read more »भगवान परशुराम का फरसा आज भी मौजूद (Bhagwan Parshuram ka farsa aaj bhi maujood hai) टांगीनाथ धाम रांची से लगभग 150 किलोमीटर दूर गुमला जिले...
Read more »भगवान श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी क्यों हुई जल-विलीन (Bhagwan Shri Krishna ki Dwarka Nagari kyon hui jal-vileen) हिंदू धर्म के चार धामों में...
Read more »शीतला माता जिन्हें बासी भोग लगाया जाता है Sheetla Mata Ji ko basi bhog lagaya jata hai शीतला माता को चेचक रोग की देवी भी कहते है। हर साल ...
Read more »गरुड़ पुराण दूसरा अध्याय Garuda Purana Dusra Adhyay गरुड़ जी ने कहा–हे केशव- यमलोक का मार्ग किस प्रकार दु:खदायी होता है। पापी लोग वहाँ किस...
Read more »आमलकी एकादशी व्रत कथा Amalaki Ekadashi Vrat Katha भगवान् श्रीकृष्ण बोले-धर्मनन्दन! सुनो तुम्हें इस समय वह प्रसङ्ग सुनाता हूं, जिसे राजा मा...
Read more »गरुड़ पुराण पहला अध्याय Garuda Purana Pahla Adhyay भगवान श्री विष्णु तथा गरुड़ के संवाद में गरुड़ पुराण पापी मनुष्यों की इस लोक तथा परलोक मे...
Read more »माँ गंगा का मायका मुखवा मंदिर Maa Ganga Ka Mayka Mukhwa Mandir मुखवा, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्षिल वैली के पास बसा एक सुंदर पहा...
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