शिव पूजा के लिए संकल्प मंत्र
"ॐ अस्य श्री अमुक मासस्य अमुक पक्षे अमुक तिथौ अमुक वासरे अमुक गोत्रोत्पन्नः अमुक नामाहं मम सकलकामना-सिद्ध्यर्थं यथा-शक्ति शिव-पूजनं करिष्ये।" इसका अर्थ है कि "हे प्रभु, मैं अमुक मास, अमुक पक्ष, अमुक तिथि, अमुक वार को, अमुक गोत्र का, अमुक नाम का व्यक्ति, अपनी सभी कामनाओं की सिद्धि के लिए यथाशक्ति शिव पूजन कर रहा/रही हूँ।"
अस्य श्री: इस (मंत्र) के
अमुक मासस्य: अमुक मास (जैसे, श्रावण मास) में
अमुक पक्षे: अमुक पक्ष (जैसे, शुक्ल पक्ष) में
अमुक तिथौ: अमुक तिथि (जैसे, प्रतिपदा) को
अमुक वासरे: अमुक वार (जैसे, सोमवार) को
अमुक गोत्रोत्पन्नः: अमुक गोत्र (जैसे, भारद्वाज गोत्र) में उत्पन्न
अमुक नामाहं: अमुक नाम का (जैसे, रमेश नाम का) मैं
मम सकलकामना-सिद्ध्यर्थं: मेरी सभी कामनाओं की सिद्धि के लिए
यथा-शक्ति: यथाशक्ति (अपनी शक्ति के अनुसार)
शिव-पूजनं करिष्ये: शिव पूजन करूँगा/करूँगी।
अमुक मासस्य: अमुक मास (जैसे, श्रावण मास) में
अमुक पक्षे: अमुक पक्ष (जैसे, शुक्ल पक्ष) में
अमुक तिथौ: अमुक तिथि (जैसे, प्रतिपदा) को
अमुक वासरे: अमुक वार (जैसे, सोमवार) को
अमुक गोत्रोत्पन्नः: अमुक गोत्र (जैसे, भारद्वाज गोत्र) में उत्पन्न
अमुक नामाहं: अमुक नाम का (जैसे, रमेश नाम का) मैं
मम सकलकामना-सिद्ध्यर्थं: मेरी सभी कामनाओं की सिद्धि के लिए
यथा-शक्ति: यथाशक्ति (अपनी शक्ति के अनुसार)
शिव-पूजनं करिष्ये: शिव पूजन करूँगा/करूँगी।
संकल्प लेने से पहले, अपने हाथों को धोकर, जल, अक्षत (चावल) और फूल लें।
अपने संकल्प को भगवान गणेश का ध्यान करके शुरू करें, क्योंकि गणेश जी को सभी पूजाओं में प्रथम पूज्य माना जाता है।
फिर, उपरोक्त मंत्र में "अमुक" शब्दों के स्थान पर अपनी जानकारी भरें और संकल्प लें। यह संकल्प मंत्र किसी भी प्रकार की शिव पूजा (जैसे, अभिषेक, रुद्राभिषेक, आदि) के लिए लिया जा सकता है।
संकल्प लेने के बाद, शिव पूजा विधिवत रूप से शुरू करें।
आप अपनी सुविधानुसार, 11, 21, 51 या 108 माला "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।