माँ छिन्नमस्ता के 108 नाम

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इस महाविद्या का संबंध महाप्रलय से है in hindi, chinmastika mata in hindi,  inमहाप्रलय का ज्ञान कराने वाली यह महाविद्या भगवती त्रिपुरसुंदरी का ही रौद्र रूप है in hindi, सुप्रसिद्ध पौराणिक हयग्रीवोपाख्यान का जिसमें गणपति वाहन मूषक की कृपा से in hindi, धनुष प्रत्यंचा भंग हो जाने के कारण सोते हुए विष्णु के सिर के कट जाने का निरूपण in hindi, है इसी छिन्नमस्ता से संबद्ध है in hindi, एक हाथ में खड्ग और दूसरे हाथ में मस्तक धारण किए हुए है in hindi, अपने कटे हुए स्कन्ध से रक्त की जो धाराएं निकलती है in hindi, उनमें से एक को स्वयं पीती है in hindi, और अन्य दो धाराओं से अपनी वर्णिनी और शाकिनी नाम की दो सहेलियों को तृप्त करती है in hindi, इडा, पिंगला और सुषमा इन तीन नाडियों का संधान कर योग मार्ग में सिद्धि प्राप्त की जाती है in hindi, देवी के गले में हड्डियों की माला तथा कन्धे पर यज्ञोपवीत है in hindi, इसलिए शांत भाव से इनकी उपासना करने पर यह अपने शांत स्वरूप को प्रकट करती है in hindi, उग्र रूप में उपासना करने पर यह उग्र रूप में दर्शन देती है in hindi, इनकी नाभि में योनि चक्र है in hindi, छिन्नमस्तिका एक महाविद्या है in hindi, इसकी  साधना दीपावली से शुरू करनी चाहिए in hindi, इस मंत्र के चार लाख जप करने पर देवी से सिद्धी प्राप्त होती है in hindi, छिन्नमस्तिका देवी को माँ चिंतपूर्णी के नाम से भी जाना जाता है in hindi, देवी के इस रूप के विषय में कई पौराणिक धर्म ग्रंथों में उल्लेख मिलता है in hindi, मार्कंडेय पुराण व शिव पुराण आदि में देवी के इस रूप का विशेष वर्णन किया गया है in hindi, इनके अनुसार जब देवी ने चंडी का रूप धारण कर राक्षसों का संहार किया in hindi, दैत्यों को परास्त करके देवों को विजय दिलवाई तो चारों ओर उनका जय घोष होने लगा परंतु देवी की सहायक योगिनियाँ अजया और विजया की रुधिर पिपासा शांत नहीं हो पाई in hindi, इस पर उनकी रक्त पिपासा को शांत करने के लिए माँ ने अपना मस्तक काटकर अपने रक्त से उनकी रक्त प्यास बुझाई जिस कारण माता को छिन्नमस्तिका नाम से भी पुकारा जाने लगा in hindi, माँ छिन्नमस्तिका का जहाँ निवास हो in hindi, वहाँ पर चारों ओर भगवान शिव का स्थान भी होता है in hindi, पौरााणिक कथाा के अनुसार माँ भगवती अपनी दो सहचरियों के संग मन्दाकिनी नदी में स्नान कर रही थी in hindi, स्नान करने पर दोनों सहचरियों को बहुत तेज भूख लगी भूख कि पीडा से उनका रंग काला हो गया in hindi, तब सहचरियों ने भोजन के लिये भवानी से कुछ मांगा in hindi, भवानी के कुछ देर प्रतिक्षा करने के लिये उनसे कहा, किन्तु वह बार-बार भोजन के लिए हठ करने लगी in hindi, तत्पश्चात सहचरियों ने नम्रतापूर्वक अनुरोध किया माँ तो भूखे शिशु को अविलम्ब भोजन प्रदान करती है in hindi, ऐसा वचन सुनते ही भवानी ने अपने खडग से अपना ही सिर काट दिया in hindi, कटा हुआ सिर उनके बायें हाथ में आ गिरा in hindi, और तीन रक्तधाराएं बह निकली in hindi, दो धाराओं को उन्होंने सहचरियों की और प्रवाहित कर दिया जिन्हें पान कर दोनों तृप्प्त हो गई तीसरी धारा का देवी स्वयं रूधिर-पान करने लगीin hindi, दस महाविद्या शक्तियां in hindi, Click here »  मंगलमयी जीवन के लिए कालरात्रि की पूजा in hindi, Kalratri worship for a happy life in hindi, Click here »  दुःख हरणी सुख करणी- जय माँ तारा in hindi, Click here »  माँ षोडशी in hindi, Click here »  माँ भुवनेश्वरी शक्तिपीठ in hindi, Maa Bhuvaneshwari in hindi, Click here »  माँ छिन्नमस्तिका द्वारा सिद्धि in hindi, Accomplishment by Maa Chhinnamasta in hindi, Click here »  माँ त्रिपुर भैरवी in hindi, Maa Tripura Bhairavi in hindi, Click here »  माँ धूमावती  in hindi, Maa Dhumavati in hindi, Click here »  महाशक्तिशाली माँ बगलामुखी in hindi,Mahashaktishali Maa Baglamukhi in hindi, Click here »  माँ मातंगी -Maa Matangi Devi in hindi, Click here »  जय माँ कमला in hindi, Jai Maa Kamla in hindi, Dhumavati hindi, kaise hoti hai  Maa-Dhumavati hindi, Maa-Dhumavati  ke 108 naam in hindi, दस महाविद्या शक्तियां in hindi,  मंगलमयी जीवन के लिए कालरात्रि की पूजा in hindi, Kalratri worship for a happy life in hindi, दुःख हरणी सुख करणी- जय माँ तारा in hindi,  माँ षोडशी in hindi, माँ भुवनेश्वरी शक्तिपीठ in hindi, Maa Bhuvaneshwari in hindi, माँ छिन्नमस्तिका द्वारा सिद्धि in hindi, Accomplishment by Maa Chhinnamasta in hindi,  माँ त्रिपुर भैरवी in hindi, Maa Tripura Bhairavi in hindi, माँ धूमावती  in hindi, Maa Dhumavati ke barein mein hindi,  Maa Dhumavati  ki katha in hindi, aaj hi sakshambano in hindi, abhi se sakshambano in hindi, sakshambano se fayde in hindi, sakshambano ka fayda in hindi, sakshambano se labh in hindi, sakshambano se gyan ki prapti in hindi, sakshambano website in hindi, sakshambano in hindi, sakshambano in eglish, sakshambano meaning in hindi, sakshambano ka matlab in hindi, sakshambano photo, sakshambano photo in hindi, sakshambano image in hindi, sakshambano image, sakshambano jpeg, sakshambano ke barein mein in hindi, har ek sakshambano in hindi, apne aap sakshambano in hindi, sakshambano ki apni pehchan in hindi, सक्षमबनो इन हिन्दी में in hindi, सब सक्षमबनो हिन्दी में, पहले खुद सक्षमबनो हिन्दी में, एक कदम सक्षमबनो के ओर हिन्दी में, आज से ही सक्षमबनो हिन्दी हिन्दी में, सक्षमबनो के उपाय हिन्दी में, अपनों को भी सक्षमबनो का रास्ता दिखाओं हिन्दी में, सक्षमबनो का ज्ञान पाप्त करों हिन्दी में,

माँ छिन्नमस्ता के 108 नाम

ॐ छिन्नमस्तायै नमः। Om Chhinnamastayai Namah।
ॐ महाविद्यायै नमः। Om Mahavidyayai Namah।
ॐ महोदर्यै नमः। Om Mahodaryai Namah।
ॐ चण्डेश्वर्यै नमः। Om Chandeshvaryai Namah।
ॐ महाभीमायै नमः। Om Mahabhimayai Namah।
ॐ चण्डमुण्डप्रभञ्जिन्यै नमः। Om Chandamundaprabhanjinyai Namah।
ॐ महाचण्डायै नमः। Om Mahachandayai Namah।
ॐ चण्डमात्रे नमः। Om Chandamatre Namah।
ॐ चण्डरूपायै नमः। Om Chandarupayai Namah।
ॐ चण्डखण्डिन्यै नमः। Om Chandakhandinyai Namah।
ॐ चण्डिकायै नमः। Om Chandikayai Namah।
ॐ क्रोधिन्यै नमः। Om Krodhinyai Namah।
ॐ क्रोधजनन्यै नमः। Om Krodhajananyai Namah।
ॐ क्रोधरूपायै नमः। Om Krodharupayai Namah।
ॐ कुह्वै नमः। Om Kuhvai Namah।
ॐ कलायै नमः। Om Kalayai Namah।
ॐ खर्वायै नमः। Om Kharvayai Namah।
ॐ कोपातुरायै नमः। Om Kopaturayai Namah।
ॐ कोपयुतायै नमः। Om Kopayutayai Namah।
ॐ कोपसंहारकारिण्यै नमः। Om Kopasamharakarinyai Namah।
ॐ वज्रवैरोचन्यै नमः। Om Vajravairochanyai Namah।
ॐ वज्रायै नमः। Om Vajrayai Namah।
ॐ वज्रकल्पायै नमः। Om Vajrakalpayai Namah।
ॐ डाकिन्यै नमः। Om Dakinyai Namah।
ॐ डाकिनीकर्मनिरतायै नमः। Om Dakinikarmaniratayai Namah।
ॐ डाकिनीकर्मपूजितायै नमः। Om Dakinikarmapujitayai Namah।
ॐ डाकिनीसङ्गनिरतायै नमः। Om Dakinisanganiratayai Namah।
ॐ डाकिनीप्रेमपूरितायै नमः। Om Dakinipremapuritayai Namah।
ॐ खट्वाङ्गधारिण्यै नमः। Om Khatvangadharinyai Namah।
ॐ खड्गखप्परधारिण्यै नमः। Om Khadgakhapparadharinyai Namah।
ॐ प्रेताशनायै नमः। Om Pretashanayai Namah।
ॐ प्रेतयुतायै नमः। Om Pretayutayai Namah।
ॐ प्रेतसङ्गविहारिण्यै नमः। Om Pretasangaviharinyai Namah।
ॐ छिन्नमुण्डधरायै नमः। Om Chhinnamundadharayai Namah।
ॐ छिन्नचण्डविद्यायै नमः। Om Chhinnachandavidyayai Namah।
ॐ चित्रिण्यै नमः। Om Chitrinyai Namah।
ॐ घोररूपायै नमः। Om Ghorarupayai Namah।
ॐ घोरदृष्टयै नमः। Om Ghoradrishtayai Namah।
ॐ घोररावायै नमः। Om Ghoraravayai Namah।
ॐ घनोदर्यै नमः। Om Ghanodaryai Namah।
ॐ योगिन्यै नमः। Om Yoginyai Namah।
ॐ योगनिरतायै नमः। Om Yoganiratayai Namah।
ॐ जपयज्ञपरायणायै नमः। Om Japayagyaparayanayai Namah।
ॐ योनिचक्रमय्यै नमः। Om Yonichakramayyai Namah।
ॐ योन्यै नमः। Om Yonyai Namah।
ॐ योनिचक्रप्रवर्तिन्यै नमः। Om Yonichakrapravartinyai Namah।
ॐ योनिमुद्रायै नमः। Om Yonimudrayai Namah।
ॐ योनिगम्यायै नमः। Om Yonigamyayai Namah।
ॐ योनियन्त्रनिवासिन्यै नमः। Om Yoniyantranivasinyai Namah।
ॐ यन्त्ररूपायै नमः। Om Yantrarupayai Namah।
ॐ यन्त्रमय्यै नमः। Om Yantramayyai Namah।
ॐ यन्त्रेश्यै नमः। Om Yantreshyai Namah।
ॐ यन्त्रपूजितायै नमः। Om Yantrapujitayai Namah।
ॐ कीर्त्यायै नमः। Om Kirtyayai Namah।
ॐ कपर्दिन्यै नमः। Om Kapardinyai Namah।
ॐ काल्यै नमः। Om Kalyai Namah।
ॐ कङ्काल्यै नमः। Om Kankalyai Namah।
ॐ कलकारिण्यै नमः। Om Kalakarinyai Namah।
ॐ आरक्तायै नमः। Om Araktayai Namah।
ॐ रक्तनयनायै नमः। Om Raktanayanayai Namah।
ॐ रक्तपानपरायणायै नमः। Om Raktapanaparayanayai Namah।
ॐ भवान्यै नमः। Om Bhavanyai Namah।
ॐ भूतिदायै नमः। Om Bhutidayai Namah।
ॐ भूत्यै नमः। Om Bhutyai Namah।
ॐ भूतिदात्र्यै नमः। Om Bhutidatryai Namah।
ॐ भैरव्यै नमः। Om Bhairavyai Namah।
ॐ भैरवाचारनिरतायै नमः। Om Bhairavacharaniratayai Namah।
ॐ भूतभैरवसेवितायै नमः। Om Bhutabhairavasevitayai Namah।
ॐ भीमायै नमः। Om Bhimayai Namah।
ॐ भीमेश्वर्यै देव्यै नमः। Om Bhimeshvaryai devyai Namah।
ॐ भीमनादपरायणायै नमः। Om Bhimanadaparayanayai Namah।
ॐ भवाराध्यायै नमः। Om Bhavaradhyayai Namah।
ॐ भवनुतायै नमः। Om Bhavanutayai Namah।
ॐ भवसागरतारिण्यै नमः। Om Bhavasagaratarinyai Namah।
ॐ भद्रकाल्यै नमः। Om Bhadrakalyai Namah।
ॐ भद्रतनवे नमः। Om Bhadratanave Namah।
ॐ भद्ररूपायै नमः। Om Bhadrarupayai Namah।
ॐ भद्रिकायै नमः। Om Bhadrikayai Namah।
ॐ भद्ररूपायै नमः। Om Bhadrarupayai Namah।
ॐ महाभद्रायै नमः। Om Mahabhadrayai Namah।
ॐ सुभद्रायै नमः। Om Subhadrayai Namah।
ॐ भद्रपालिन्यै नमः। Om Bhadrapalinyai Namah।
ॐ सुभव्यायै नमः। Om Subhavyayai Namah।
ॐ भव्यवदनायै नमः। Om Bhavyavadanayai Namah।
ॐ सुमुख्यै नमः। Om Sumukhyai Namah।
ॐ सिद्धसेवितायै नमः। Om Siddhasevitayai Namah।
ॐ सिद्धिदायै नमः। Om Siddhidayai Namah।
ॐ सिद्धिनिवहायै नमः। Om Siddhinivahayai Namah।
ॐ सिद्धायै नमः। Om Siddhayai Namah।
ॐ सिद्धनिषेवितायै नमः। Om Siddhanishevitayai Namah।
ॐ शुभदायै नमः। Om Shubhadayai Namah।
ॐ शुभगायै नमः। Om Shubhagayai Namah।
ॐ शुद्धायै नमः। Om Shuddhayai Namah।
ॐ शुद्धसत्त्वायै नमः। Om Shuddhasattvayai Namah।
ॐ शुभावहायै नमः। Om Shubhavahayai Namah।
ॐ श्रेष्ठायै नमः। Om Shreshthayai Namah।
ॐ दृष्टिमय्यै नमः। Om Drishtimayyai Namah।
ॐ देव्यै नमः। Om Devyai Namah।
ॐ दृष्टिसंहारकारिण्यै नमः। Om Drishtisamharakarinyai Namah।
ॐ शर्वाण्यै नमः। Om Sharvanyai Namah।
ॐ सर्वगायै नमः। Om Sarvagayai Namah।
ॐ सर्वायै नमः। Om Sarvayai Namah।
ॐ सर्वमङ्गलकारिण्यै नमः। Om Sarvamangalakarinyai Namah।
ॐ शिवायै नमः। Om Shivayai Namah।
ॐ शान्तायै नमः। Om Shantayai Namah।
ॐ शान्तिरूपायै नमः। Om Shantirupayai Namah।
ॐ मृडान्यै नमः। Om Mridanyai Namah।
ॐ मदनातुरायै नमः। Om Madanaturayai Namah।


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