मांसपेशियों में दर्द - Ache in Muscles

Share:


क्यों सक्षमबनो इन हिन्दी में in hindi, क्यों सक्षमबनो अच्छा लगता है इन हिन्दी में?, कैसे सक्षमबनो इन हिन्दी में? सक्षमबनो ब्रांड से कैसे संपर्क करें इन हिन्दी में, सक्षमबनो हिन्दी में, सक्षमबनो इन हिन्दी में, सब सक्षमबनो हिन्दी में,अपने को सक्षमबनो हिन्दीं में, सक्षमबनो कर्तव्य हिन्दी में, सक्षमबनो भारत हिन्दी में, सक्षमबनो देश के लिए हिन्दी में,खुद सक्षमबनो हिन्दी में, पहले खुद सक्षमबनो हिन्दी में, एक कदम सक्षमबनो के ओर हिन्दी में, आज से ही सक्षमबनो हिन्दी हिन्दी में,सक्षमबनो के उपाय हिन्दी में, अपनों को भी सक्षमबनो का रास्ता दिखाओं हिन्दी में, सक्षमबनो का ज्ञान पाप्त करों हिन्दी में,सक्षमबनो-सक्षमबनो हिन्दी में, सक्षमबनो इन हिन्दी में, सक्षमबनो इन हिन्दी में, sakshambano in hindi, saksham bano in hindi, in hindi, kiyon saksambano in hindi, kiyon saksambano achcha lagta hai in hindi, kaise saksambano in hindi, kaise saksambano brand se sampark  in hindi, sampark karein saksambano brand se in hindi, saksambano brand in hindi, sakshambano bahut accha hai in hindi, gyan ganga sakshambnao se in hindi,apne aap ko saksambano in hindi, ek kadam saksambano ki or in hindi,saksambano phir se in hindi, ek baar phir saksambano in hindi, ek kadam saksambano ki or in hindi, self saksambano in hindi, give advice to others for saksambano, saksambano ke upaya in hindi, saksambano-saksambano india in hindi, saksambano-saksambano phir se in hindi, सक्षम बनो हिन्दी में, sab se pahle saksambano, sab se pahle saksam bano, aaj hi sab se pahle saksambano, aaj hi sab se pahle saksam bano, saksambano jaldi in hindi, saksambano purn roop se in hindi, saksambano tum bhi in hindi, saksambano mein bhi in hindi, saksambano ke labh in hindi, saksambano ke prakar in hindi, saksambano parivar in hindi, saksambano har parivar in hindi, hare k parivar saksambano in hindi, parivar se saksambano in hindi,  daivik sakti in hindi, ayurvedic gyan in hindi, ayurvedic gyan kyan hai in hindi,  aaj se ayurvedic gyan in hindi, ayurvedic gyan ke barein mein in hindi, ayurvedic gyan se labh in hindi, ayurvedic gyan se ilaz in hindi, shiv-parvati in hindi,  daivic- sangrah in hindi, swasth- swasthya in hindi, sukh-dukh-grah in hindi, uric acid in hindi, uric acid ke barein mein in hindi, uric  acid kya hai in hindi, uric acid kiyon hota hai in hindi, uric acid ke nuksaan in hindi, how to uric acid control in hindi, aaj kiyo uric etna ho gaya hai in hindi,  uric acid ke prati sakshambano, uric acid ke prati sakshambano in hindi, aaj tak uric acid ek samavaya ban gay gayi hai, uric acid ke prati jagruk, uric acid kaise banta hai, uric symptoms in hindi, what-is-uric-acid-and-how-to-control-it, causes-of-uric-acid in hindi, uric-acid-level-chart-sakshambano, uric-acid-ke-barein-mein-sakshambano,aaj se hi uric acid control-sakshambano, uric acid ke prati gyan in hindi, uric-free, bano uric free, uric-acid-abhi-se-door-karon, aaj hi sakshambano, abhi se sakshambano, aaj se hi sakshambano, sakshambano se safalta, kiya hai sakshambano, aaj ji dunia sakshambano, sakshambano mantra, sakshambano ka mantra, gyan kaise prapt hota hai in hindi,, मांसपेशियों में दर्द in hindi, Ache in Muscles in hindi,  मांसपेशियों में दर्द in english, muscular pain hindi, muscles pain ka desi ilaj in hindi, how to relief from leg muscles pain in hindi, muscular pain in chest in hindi upper back pain reason in hindi, back pain in hindi, joint pain in hindi, masals pain in hindi, Symptoms of back pain in hindi,  Muscle Pain kya hai in hindi,  Muscle Pain kaise hota hai in hindi,  Muscle Pain kab hota hai in hindi,  Muscle Pain ke barein mein in hindi,  Muscle Pain ki dawa in hindi,  Muscle Pain ki jankari in hidi, मांसपेशी में खिंचाव या तनाव in hindi, (Muscle strain or stress) in hindi, प्रभावित क्षेत्र में जलन in hindi, सूजन और दर्द जैसी समस्याओं का कारण बनता है in hindi, यह समस्या व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों में रूकावट डाल सकती है in hindi, मांसपेशियों में दर्द एक छोटी सी झुंझलाहट से शुरू होता है in hindi, (Muscle pain starts with a small annoyance in hindi) लेकिन कई बार यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर भी हो जाता है in hindi, इससे पीड़ितों को अपने शरीर को पर्याप्त पानी से हाइड्रेटेड रखना होगा in hindi, अगर शरीर में पर्याप्त पानी नहीं रहेगा तो मांसपेशियां अकड़ जाएंगी in hindi, कई बार मांसपेशियों में दर्द किसी चोट, दुर्घटना in hindi, मांसपेशियों के अत्याधिक उपयोग in hindi, मांसपेशियों में तनाव या फिर किसी मेडिकल परिस्थितियों के कारण भी होता है in hindi, मांसपेशियों के दर्द को प्राकृतिक तरीके या फिर खास व्यायाम और मालिश के जरिए भी आप दूर कर सकते हैं in hindi, मांसपेशियों में दर्द in hindi, होना क्या होता है? in hindi,- (What is Muscle Pain in hindi,) : मांसपेशियों में जरूरत से ज्यादा दबाव in hindi, पड़ने के कारण उनमें दर्द होता है in hindi, इसके कारण मात्र कुछ विशेष मांसपेशियों में दर्द होता है in hindi, जो काम करते समय in hindi, या इसके बाद शुरु हो सकता हैin hindi, मांसपेशियों में खिंचाव किसी भी व्यक्ति को परेशान कर सकता हैin hindi, यह मानव की सामान्य गतिविधियों के दौरान in hindi, मांसपेशियों के अचानक उपयोग के परिणामस्वरूप होता है in hindi, ऐसी गतिविधियां जो मांसपेशियों में खिंचाव का कारण बनती है in hindi, और इसके जोखिम को बढ़ा सकती है in hindi, मांसपेशियों के दर्द के लक्षण in hindi, (Symptoms of  Muscle Pain in hindi,) : शरीर के सभी हिस्से मांसपेशियों में उत्तक पाए जाते हैंin hindi, इसका मतलब है in hindi, कि यह दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता हैin hindi, इसके बहुत सारे लक्षण होते हैं in hindi, जैसे-बहुत अधिक काम के बाद शरीर का पूरी तरह अकड़ जानाin hindi, शरीर में चोट लगना in hindi, शरीर में अगर कहीं चोट लग जाए in hindi, तो यह मांसपेशी में दर्द का कारण बन सकता हैin hindi, ज्यादा कसरत in hindi, एकदम से बहुत ज्यादा व्यायाम न करना in hindi, भी मांसपेशी में दर्द का कारण बन सकता हैin hindi, लम्बे समय तक खड़े या बैठे रहने एक ही स्थिति भी मांसपेशियों में आवश्यकता in hindi, से अधिक दबाव मांसपेशी के दर्द in hindi, कार कारण बन जाता हैin hindi, मांसपेशियों में दर्द के कारण in hindi, Causes of muscle pain in hindi, मांसपेशियों में दो प्रमुख रोग होते हैं in hindi, (There are two major diseases in muscles in hindi,) : मायल्गिया in hindi, (Myalgia in hindi,) यानी पेशियों की पीड़ा और मायस्थीनिया यानी पेशियों की दुर्बलताin hindi, यह एक भयानक रोग हैin hindi, जब मांसपेशियों को अधिक परिश्रम करना पड़ता है in hindi, तो उनमें दर्द होना शुरू हो जाता हैin hindi, मांसपेशियों में दर्द शरीर के किसी भी अंग में हो सकता हैin hindi, खून की आपूर्ति in hindi,(Blood recoupment in hindi,) : जिन धमनियों के जरिए पैरों में खून पहुंचता है in hindi, अगर वह संकुचित हो जाएं in hindi, तो इससे आपके पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन आ सकती है in hindi, जिसके कारण आपको व्यायाम करते समय गंभीर दर्द महसूस हो सकता हैin hindi, जब व्यायाम करना बंद कर देते हैं तो यह ऐंठन और दर्द खुद ठीक हो जाते हैं। in hindi, नसों पर दबाव in hindi, (Pressure in  Nerves in hindi,) : अगर रीढ़ की हड्डी की नसों पर दबाव पड़ रहा in hindi, हो तो इसके कारण भी पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द हो सकता है in hindi, यह दर्द चलने के साथ-साथ और गंभीर होता जाता हैin hindi, प्रोटीन- (Protein) in hindi, : मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है in hindi, प्रोटीन की कमी से भी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है in hindi, प्रोटीनयुक्त प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिएin hindi, इसके लिए अपने आहार में अंडे, चिकन, मछली और दालें आदि को शामिल करें in hindi, पर्याप्त मात्रा में पानी जरूरी in hindi, (Sufficient amount of water is necessary in hindi) : पानी हमारी मांसपेशियों में नमी को बनाये रखने में मदद करता हैin hindi, इसकी कमी से मांसपेशियों में जकड़न, दर्द आदि हो सकता हैin hindi, पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता हैin hindi, मिनरल की कमी न होने दें in hindi, (Do not let mineral deficiency in hindi,)  : मांसपेशियों में दर्द मिनरल जैसे कैल्शियम in hindi, पोटेशियम और मैग्नीशियम की वजह से होता है in hindi, इसलिए शरीर में मिनरल की कमी बिल्कुल न होने दें in hindi, मांसपेशियों में दर्द के उपाय in hindi, Remedy for muscle aches in hindi, सरसों का तेल- (Mustard Oil)  in hindi,  सरसों का तेल को एक प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसके उपयोग से त्वचा की सतह पर रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद मिलती है in hindi, इसके उपयोग से मांसपेशियों की अकड़न और दर्द में मदद मिलती है in hindi, लाल मिर्च- (Red chilly in hindi,) : लाल मिर्च में सूजनरोधी और पीड़ा को दूर करने के गुण मौजूद होते हैin hindi, इसकी मदद से मांसपेशियों में दर्द in hindi, अकड़न और सूजन कम होती हैin hindi, लाल मिर्च को सलाद, सूप और अन्य आहार में ऊपर अलग से डालकर भी खा सकते है in hindi, खट्टी चेरी- (Sour cherry in hindi,) : खट्टी चेरी मांसपेशियों के दर्द को कम करता हैin hindi, खट्टी चेरी में कई एंटीऑक्सिडेंट और सूजनरोधी गुण होता हैं in hindi, जो सूजन और मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करने में मदद करते है in hindi, गर्म पानी- (Hot water in hindi,) :  गर्म पानी दर्द के शुरू होने के 24 घंटे बाद एक गर्म पानी से अपने प्रभावित क्षेत्रों पर सिकाई करेंin hindi, इससे मांसपेशियों में दर्द नहीं होगाin hindi, ऐसा करने से रक्त के प्रवाह में वृद्धि होगी और उपचार प्रक्रिया को भी एक गति मिलेगीin hindi, केला का फायदा- (Benefit of banana in hindi,) : केला मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए एक बहुत अच्छा घरेलु उपाय है in hindi, यह फल पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत हैin hindi, पोटेशियम की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और ऐंठन शुरू होने लगती है in hindi, हल्दी फायदेमंद in hindi, (Turmeric is beneficial in hindi,) : हल्दी एक दर्द निवारक और सूजनरोधी गुण के रूप में कार्य करती हin hindi, एक कप दूध में एक चम्मच हल्दी को मिला लें in hindi, इस मिश्रण को हल्की आंच पर गर्म करें बाद में पीयें in hindi, अदरक- (Ginger in hindi,) : अदरक एक प्राकृतिक सूजनरोधी गुण के रूप में कार्य करता हैin hindi, रक्त परिसंचरण और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है in hindi, अदरक के सेवन से मांसपेशियों का दर्द दूर होता है in hindi, सेब का सिरका- (Apple vinegar) :  सेब का सिरका आपके मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के लिए अच्छा उपाय है  in hindi, इसमें सूजनरोधी और क्षारीय गुण भी होते हैं  in hindi, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं  in hindi, मैग्नीशियम सल्फेट से स्नान करें  in hindi, (Take a bath with magnesium sulfate  in hindi,) : मैग्नीशियम सल्फेट मांसपेशियों के ऊतकों की सूजन को कम करता है  in hindi, मांसपेशियों में होने वाले दर्द को भी दूर करता है  in hindi, जब स्नान करने जाएं  in hindi, तो पानी थोड़ा गुनगुना रखें  in hindi, इस पानी में 1-2 कप ऐप्सम सॉल्ट मिलाएं  in hindi, और इसमें आधे घंटे के लिए आराम करें  in hindi, ऐसा करने से मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन से आराम मिलता है v शरीर को ऊर्जा महसूस होती है  in hindi, तनाव कम होता है  in hindi, तेल मालिश करें  in hindi, (Massage oil  in hindi,) : तेल से मालिश करने से मांसपेशियों में रक्त परिसंचरण बढ़ता है  in hindi, जिससे मांसपेशियों को गर्मी मिलती है  in hindi, यह लैक्टिक एसिड को दूर करता है in hindi, कई प्रकार के तेल जैसे पाइन, लैवेंडर, अदरक और पिपरमेंट का तेल मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करता है  in hindi, तुलसी मांसपेशियों के लिए  in hindi, (Tulsi to Get Relief from Muscle Pain  in hindi,) : मांसपेशियों के दर्द को दूर करने में तुलसी बहुत कारगर होती है  in hindi, तुलसी में वात विकार को मिटाने के प्राकृतिक गुण होते हैं  in hindi, तुलसी के रस को सरसों के तेल में मिलाकर दर्द वाले स्थान पर लगाने से तुरन्त राहत मिलती है  in hindi, गर्म सिंकाई मांसपेशियों के दर्द लिए  in hindi, (Hot Compress to Get Relief from Muscle Pain  in hindi,) : गर्म सिंकाई का उपयोग मोच या ऐंठन, मांसपेशियों में जकड़न या ऐंठन के उपचार में किया जाता है in hindi, गर्मी से मांसपेशियों के दर्द में आराम मिलता है  in hindi, और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है  in hindi, मांसपेशियों में दर्द के लिए केसर  in hindi, (Saffron for muscular pain  in hindi,) : केसर न सिर्फ त्वचा के लिए  in hindi,, बल्कि सेहत के लिए भी उपयोगी है  in hindi, केसर को औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है  in hindi,  इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से भी राहत दिला सकते है  in hindi, मांसपेशियों में दर्द के लिए कैमोमाइल  in hindi, (Chamomile for muscular pain  in hindi,) : मांसपेशियों में दर्द से राहत पाने के लिए कैमोमाइल अच्छा उपाय हो सकता है  in hindi, इसमें सेडेटिव, एंटीस्पास्मोडिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी  in hindi, (sedative and antispasmodic, anti-inflammatory  in hindi,) गुण मौजूद हैं। यह मांसपेशियों को आराम देता है  in hindi, और सूजन को भी कम करने में मदद कर सकता है  in hindi, व्यायाम – (Work out  in hindi,) : मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से बचने के लिए व्यायाम करना जरूरी है  in hindi, ध्यान रहे कि जो भी एक्सरसाइज करें, वो विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें in hindi, ज्यादा भारी एक्सरसाइज न करें, बल्कि आपको जो सूट करे वही एक्सरसाइज करें  in hindi, योग – (Yoga) : योग से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं  in hindi, कई लोग व्यायाम से ज्यादा योग करना पसंद करते हैं  in hindi,  मांसपेशियों में दर्द के लिए योग कर सकते है  in hindi, सही खान-पान   in hindi,(Perfect food  in hindi,) : पौष्टिक तत्वों की कमी भी मांसपेशियों में दर्द का कारण बन जाती है in hindi, इसलिए खाने-पीने का खास ध्यान रखें in hindi, अपनी डाइट में हरी-सब्जियों, फल व ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करें  in hindi, साथ ही उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें  in hindi, , Causes of Muscle Pain in Hindi, naso ki kamzori ka ilaj ayurvedic in hindi, naso me dard in hindi, Muscle Pain Remedies in Hindi, muscular pain hindi, muscle pain can be Signs of serious illness in hindi, How to Relieve Muscle Pain in Hindi,

मांसपेशियों में दर्द
(Ache in Muscles in hindi) 
  • मांसपेशी में खिंचाव या तनाव (Muscle strain or stress) प्रभावित क्षेत्र में जलन, सूजन और दर्द जैसी समस्याओं का कारण बनता है। यह समस्या व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों में रूकावट डाल सकती है। मांसपेशियों में दर्द एक छोटी सी झुंझलाहट से शुरू होता है (Muscle pain starts with a small annoyance) लेकिन कई बार यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर भी हो जाता है। इससे पीड़ितों को अपने शरीर को पर्याप्त पानी से हाइड्रेटेड रखना होगा। अगर शरीर में पर्याप्त पानी नहीं रहेगा तो मांसपेशियां अकड़ जाएंगी। कई बार मांसपेशियों में दर्द किसी चोट, दुर्घटना, मांसपेशियों के अत्याधिक उपयोग, मांसपेशियों में तनाव या फिर किसी मेडिकल परिस्थितियों के कारण भी होता है। मांसपेशियों के दर्द को प्राकृतिक तरीके या फिर खास व्यायाम और मालिश के जरिए भी आप दूर कर सकते हैं।
  • मांसपेशियों में दर्द होना क्या होता है?- (What is Muscles Pain) : मांसपेशियों में जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ने के कारण उनमें दर्द होता है। इसके कारण मात्र कुछ विशेष मांसपेशियों में दर्द होता है जो काम करते समय या इसके बाद शुरु हो सकता है। मांसपेशियों में खिंचाव किसी भी व्यक्ति को परेशान कर सकता है। यह मानव की सामान्य गतिविधियों के दौरान, मांसपेशियों के अचानक उपयोग के परिणामस्वरूप होता है। ऐसी गतिविधियां जो मांसपेशियों में खिंचाव का कारण बनती है और इसके जोखिम को बढ़ा सकती है।
  • मांसपेशियों के दर्द के लक्षण- (Symptoms of  Muscles Pain) : शरीर के सभी हिस्से मांसपेशियों में उत्तक पाए जाते हैं। इसका मतलब है कि यह दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। इसके बहुत सारे लक्षण होते हैं जैसे-बहुत अधिक काम के बाद शरीर का पूरी तरह अकड़ जाना। शरीर में चोट लगना - शरीर में अगर कहीं चोट लग जाए तो यह मांसपेशी में दर्द का कारण बन सकता है। ज्यादा कसरत- एकदम से बहुत ज्यादा व्यायाम न करना भी मांसपेशी में दर्द का कारण बन सकता है। लम्बे समय तक खड़े या बैठे रहने एक ही स्थिति भी मांसपेशियों में आवश्यकता से अधिक दबाव मांसपेशी के दर्द कार कारण बन जाता है।
मांसपेशियों में दर्द के कारण
(Causes of muscles pain in hindi)
  • मांसपेशियों में दो प्रमुख रोग होते हैं (There are two major diseases in muscles) : मायल्गिया (Myalgia) यानी पेशियों की पीड़ा और मायस्थीनिया यानी पेशियों की दुर्बलता। यह एक भयानक रोग है। जब मांसपेशियों को अधिक परिश्रम करना पड़ता है, तो उनमें दर्द होना शुरू हो जाता है। मांसपेशियों में दर्द शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है।
  • खून की आपूर्ति (Blood recoupment) : जिन धमनियों के जरिए पैरों में खून पहुंचता है, अगर वह संकुचित हो जाएं तो इससे आपके पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन आ सकती है जिसके कारण आपको व्यायाम करते समय गंभीर दर्द महसूस हो सकता है। जब व्यायाम करना बंद कर देते हैं तो यह ऐंठन और दर्द खुद ठीक हो जाते हैं।
  • नसों पर दबाव (Pressure in  Nerves) : अगर रीढ़ की हड्डी की नसों पर दबाव पड़ रहा हो तो इसके कारण भी पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द हो सकता है। यह दर्द चलने के साथ-साथ और गंभीर होता जाता है।
  • प्रोटीन (Protein) : मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन की कमी से भी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। प्रोटीनयुक्त प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए। इसके लिए अपने आहार में अंडे, चिकन, मछली और दालें आदि को शामिल करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी जरूरी (Sufficient amount of water is necessary) :पानी हमारी मांसपेशियों में नमी को बनाये रखने में मदद करता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में जकड़न, दर्द आदि हो सकता है। पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है।
  • मिनरल की कमी न होने दें (Do not let mineral deficiency) : मांसपेशियों में दर्द मिनरल जैसे कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की वजह से होता है। इसलिए शरीर में मिनरल की कमी बिल्कुल न होने दें। 
मांसपेशियों में दर्द के उपाय
(Remedy for muscles aches in hindi)
  • सरसों का तेल- (Mustard Oil)  : सरसों का तेल को एक प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसके उपयोग से त्वचा की सतह पर रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके उपयोग से मांसपेशियों की अकड़न और दर्द में मदद मिलती है।
  • लाल मिर्च- (Red chilly) : लाल मिर्च में सूजनरोधी और पीड़ा को दूर करने के गुण मौजूद होते है। इसकी मदद से मांसपेशियों में दर्द, अकड़न और सूजन कम होती है। लाल मिर्च को सलाद, सूप और अन्य आहार में ऊपर अलग से डालकर भी खा सकते है।
  • खट्टी चेरी- (Sour cherry) : खट्टी चेरी मांसपेशियों के दर्द को कम करता है। खट्टी चेरी में कई एंटीऑक्सिडेंट और सूजनरोधी गुण होता हैं जो सूजन और मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करने में मदद करते है।
  • गर्म पानी- (Hot water) :  गर्म पानी दर्द के शुरू होने के 24 घंटे बाद एक गर्म पानी से अपने प्रभावित क्षेत्रों पर सिकाई करें। इससे मांसपेशियों में दर्द नहीं होगा। ऐसा करने से रक्त के प्रवाह में वृद्धि होगी और उपचार प्रक्रिया को भी एक गति मिलेगी।
  • केला का फायदा- (Benefit of banana) : केला मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए एक बहुत अच्छा घरेलु उपाय है। यह फल पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत है। पोटेशियम की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और ऐंठन शुरू होने लगती है।
  • हल्दी फायदेमंद- (Turmeric is beneficial) : हल्दी एक दर्द निवारक और सूजनरोधी गुण के रूप में कार्य करती ह। एक कप दूध में एक चम्मच हल्दी को मिला लें। इस मिश्रण को हल्की आंच पर गर्म करें बाद में पीयें।
  • अदरक- (Ginger) : अदरक एक प्राकृतिक सूजनरोधी गुण के रूप में कार्य करता है। रक्त परिसंचरण और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। अदरक के सेवन से मांसपेशियों का दर्द दूर होता है।
  • सेब का सिरका- (Apple vinegar) :  सेब का सिरका आपके मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के लिए अच्छा उपाय है। इसमें सूजनरोधी और क्षारीय गुण भी होते हैं जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
  • मैग्नीशियम सल्फेट से स्नान करें- (Take a bath with magnesium sulfate) : मैग्नीशियम सल्फेट मांसपेशियों के ऊतकों की सूजन को कम करता है। मांसपेशियों में होने वाले दर्द को भी दूर करता है। जब स्नान करने जाएं, तो पानी थोड़ा गुनगुना रखें। इस पानी में 1-2 कप ऐप्सम सॉल्ट मिलाएं और इसमें आधे घंटे के लिए आराम करें। ऐसा करने से मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन से आराम मिलता है। शरीर को ऊर्जा महसूस होती है। तनाव कम होता है।
  • तेल मालिश करें- (Massage oil) : तेल से मालिश करने से मांसपेशियों में रक्त परिसंचरण बढ़ता है, जिससे मांसपेशियों को गर्मी मिलती है। यह लैक्टिक एसिड को दूर करता है। कई प्रकार के तेल जैसे पाइन, लैवेंडर, अदरक और पिपरमेंट का तेल मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करता है।
  • तुलसी मांसपेशियों के लिए- (Tulsi to Get Relief from Muscle Pain) : मांसपेशियों के दर्द को दूर करने में तुलसी बहुत कारगर होती है। तुलसी में वात विकार को मिटाने के प्राकृतिक गुण होते हैं। तुलसी के रस को सरसों के तेल में मिलाकर दर्द वाले स्थान पर लगाने से तुरन्त राहत मिलती है।
  • गर्म सिंकाई मांसपेशियों के दर्द लिए - (Hot Compress to Get Relief from Muscle Pain) : गर्म सिंकाई का उपयोग मोच या ऐंठन, मांसपेशियों में जकड़न या ऐंठन के उपचार में किया जाता है। गर्मी से मांसपेशियों के दर्द में आराम मिलता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है।
  • मांसपेशियों में दर्द के लिए केसर- (Saffron for muscular pain) : केसर न सिर्फ त्वचा के लिए, बल्कि सेहत के लिए भी उपयोगी है। केसर को औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।  इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से भी राहत दिला सकते है। 
  • मांसपेशियों में दर्द के लिए कैमोमाइल- (Chamomile for muscular pain) : मांसपेशियों में दर्द से राहत पाने के लिए कैमोमाइल अच्छा उपाय हो सकता है। इसमें सेडेटिव, एंटीस्पास्मोडिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी (sedative and antispasmodic, anti-inflammatory) गुण मौजूद हैं। यह मांसपेशियों को आराम देता है और सूजन को भी कम करने में मदद कर सकता है।
  • व्यायाम – (Work out) : मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से बचने के लिए व्यायाम करना जरूरी है। ध्यान रहे कि जो भी एक्सरसाइज करें, वो विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। ज्यादा भारी एक्सरसाइज न करें, बल्कि आपको जो सूट करे वही एक्सरसाइज करें।
  • योग – (Yoga) : योग से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं। कई लोग व्यायाम से ज्यादा योग करना पसंद करते हैं।  मांसपेशियों में दर्द के लिए योग कर सकते है।
  • सही खान-पान – (Perfect food) : पौष्टिक तत्वों की कमी भी मांसपेशियों में दर्द का कारण बन जाती है। इसलिए खाने-पीने का खास ध्यान रखें। अपनी डाइट में हरी-सब्जियों, फल व ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करें। साथ ही उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए विटामिन जरूरी हैं