मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता जरूरी- Make Strong Immunity

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कोरोना जैसे वायरस को बेअसर कर देती है in hindi, (Neutralizes like corona viruses  in hindi) हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति कहाँ से मिलती है?  in hindi,  शरीर कई प्रकार की बीमारियों और इन्फेक्शन से लड़ता है  in hindi,  यह बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर की सेल्स को भी बदल देती है  in hindi,  इम्युनिटी हर तरह के संक्रमण से लड़ती है  in hindi,  फेफड़ों में होने वाली धूल को साफ करने के साथ-साथ कैंसर की कोशिकाओं के प्रभाव को खत्म करती है  in hindi,  मजबूत इम्युनिटी कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी लड़ सकते हैं in hindi,   रक्षा-कवच भी कहा जाता हैै  in hindi,  रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है in hindi,  ऐसी कई बीमारियां होती हैं  in hindi,   जिनसे हमारा शरीर खुद ही ठीक कर लेता है in hindi,  रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है in hindi,  ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है  in hindi,  और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते है  in hindi, प्रतिरक्षा के प्रकार  in hindi,  (Types of immunity in hindi) प्रतिरक्षा दो प्रकार की होती है  in hindi,  इनेट  in hindi,  और एडेटिव इम्युनिटी  in hindi,  इनेट इम्युनिटी यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है  in hindi,  परन्तु यह दीर्घकालिक नहीं होती  in hindi,  एडेटिव इम्युनिटी यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है  in hindi,  और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है  in hindi, कमजोर इम्युनिटी in (Weak immunity in hindi) कई लोग समान्यतः से अधिक बीमार रहते है in hindi,उनकी बॉडी में उतनी क्षमता नहीं होती  in hindi,  कि इन्फेक्शन और वायरस से लड़ सके  in hindi,  रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना होता है in hindi,  रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कई कारण होते है  in hindi,  खानपान की लापरवाही की वजह से होता है  in hindi,  कई बार नशा करने की गलत आदतों के चलते और कई बार यह जन्मजात कमजोरी की वजह से भी होता है in hindi,  एंटीऑक्सिडेंट होता है  in hindi,  जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है  in hindi,  प्रतिरक्षा में वृद्धि के लिए गेहूं की जर्म भी खपत की जा सकती है  in hindi,  यह एंटीऑक्सिडेंट्स, बी विटामिन और जस्ता का एक बड़ा स्रोत है  in hindi,  गेहूं की जर्म में प्रोटीन, फाइबर और कुछ स्वस्थ वसा का एक बड़ा संयोजन भी होता है  in hindi,  हमारे शरीर को प्रतिरक्षा की बहुत आवश्यकता होती है  in hindi,  तभी यह विभिन्न प्रकार के रोगों और इन्फेक्शन से लड़ सकता है  in hindi,  इसलिए जरुरी है  in hindi,  कि अपने शरीर का ध्यान रखें  in hindi,  हेल्दी डाइट लें और अपने इम्यून सिस्टम और इम्युनिटी का ख्याल रखें  in hindi,  अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो  in hindi,  उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?  in hindi, If immune power becomes weak then what measures should be taken to increase it?  in hindi,  ग्रीन टी और ब्लैक टी  in hindi,  दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती है  in hindi,  (Green Tea and Black Tea both are beneficial for the immune system  in hindi) लेकिन प्रतिदिन  1-2 कप ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नुकसान हो सकता है in hindi, (But taking 1-2 cups more daily can cause harm in hindi,) दही इम्यून पावर बढ़ती है in hindi, और पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है in hindi, Yogurt increases the immunity power and also helps to keep the digestive system better in hindi, ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते है in hindi, (Oats contain sufficient amount of fiber v) ओट्स में एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता हैin hindi, प्रतिदिन ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है in hindi, विटामिन डी बहुत महत्वपूर्ण होता है in hindi, (Vitamin D is very important in hindi, it causes many diseases in hindi,) विटामिन डी से कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है in hindi, साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी बहुत जरूरी है in hindi,  जल एक प्राकृतिक औषधि है in hindi, (Water is a natural medicine in hindi,) प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं in hindi, और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है in hindi, पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा गर्म in hindi, सर्दी के मौसम में गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता है v (Consumption of kerned fruits is beneficial in winter season in hindi,) इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह चाय या दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है in hindi, अंकुरित अनाज in hindi, (Sprouted grains in hindi,) मूंग, मोठ, चना या भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें in hindi, अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है in hindi, यह पचाने में आसान होते हैं in hindi, सलाद जरूर खाना चाहिए in hindi, यह भोजन पाचन के लिए जरूरी होता है in hindi, (Salad must be eaten in hindi,, this food is necessary for digestion in hindi,) ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, प्याज, चुकंदर आदि को सलाद में ले सकते है in hindi, इनमें नमक न डालें क्योंकि इनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद नमक हमारे लिए पर्याप्त होता है in hindi, अनाज in hindi,, गेहूं in hindi, , ज्वार in hindi, , बाजरा in hindi, , मक्का in hindi,  (Cereals, wheat, sorghum, millet, maize in hindi,) जैसे अनाज खाने से कब्ज नहीं रहती और प्रतिरोध क्षमता बनी रहती है in hindi, तुलसी एंटीबायोटिक in hindi, (Tulsi Antibiotic in hindi,), दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है in hindi, प्रतिदिन सुबह कुछ तुलसी के पत्तों का सेवन करें in hindi, पर्याप्त नींद जरूरी in hindi, (Adequate sleep is necessary in hindi,) प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य के हिसाब से नियमित रूप से निर्धारित घंटो में सोना बहुत आवश्य है in hindi, पर्याप्त नींद न लेना कई बीमारियों की संभावना हो सकती है in hindi, यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करत देता है in hindi, योगासन-प्राणायाम in hindi, (Yogasana-Pranayama in hindi,) व्यायाम हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखता है in hindi, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने की दृष्टि से योगासन in hindi, और प्राणायाम सबसे अच्छे उपाय हैं in hindi, नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर के भीतर हार्मोन संतुलन कायम करने में मदद मिलती है in hindi, तनावमुक्त in hindi, (Stress free in hindi,) स्वयं को तनावमुक्त करने के लिए ध्यान साघना in hindi,, गहरी सांस लेना v, तनाव से बचाव के लिए योग in hindi,, अच्छी किताबो को पढना in hindi, , लोगो के साथ समय बिताना in hindi,, अच्छी जगहों पर घुमने जाना और खुलकर हँसाना जैसे गतिविधियां तनावमुक्त करती है in hindi, नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी बढ़ाना ही सर्वोत्तम उपायों में एक है in hindi, जो हर मौसम में संक्रमण से बचा सकता है in hindi,  Naturally ways to increase immunity in hindi, खट्टे फल  in hindi, (Citrus Fruits in hindi,) - श्वेत रक्त कोशिकाएं यानी व्हाइट ब्लड सेल्स शरीर को सामान्य संक्रमणों in hindi, और बीमारियों से बचाने के लिए जानी जाती हैं  in hindi, लेकिन शरीर खुद इनका उत्पादन नहीं कर पाता है in hindi, विटामिन सी को सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कारगर माना जाता है in hindi, विटामिन सी का सेवन बढ़ाने के लिए रोजाना खट्टे फल in hindi, जैसे संतरे और अंगूर का सेवन करें in hindi, ब्रोकली in hindi, (Broccoli in hindi,) - हरे रंग की सब्जी में विटामिन ए in hindi,, विटामिन सी, विटामिन ई और बहुत सारे फाइबर होते हैं in hindi, यह एंटीऑक्सिडेंट यौगिकों में भी समृद्ध होती है in hindi, यहं इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होती है in hindi, लहसुन in hindi, (Garlic in hindi,) - लहसुन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जानी जाती है in hindi, लहसुन ब्लड प्रेशर को प्रबंधित करने और धमनियों को सख्त होने से रोकने में मदद कर सकती है in hindi, लहसुन को पहले ही फ्लू और इंफेक्शन से लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है in hindi, आप भी लहसुन का सेवन कर नेचुरल तरीके से इम्यून सिस्टम को बेहकर कर सकते हैं in hindi, अदरक in hindi, (Ginger in hindi,) - अदरक में पाया जाने वाला एक यौगिक खांसी in hindi गले में खराश और सूजन वाली बीमारियों से लड़ने में प्रभावी माना जाता है in hindi, अदरक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और स्थिर करने में भी मदद करता है in hindi, हल्दी in hindi, (Turmeric in hindi,) - हल्दी का उपयोग सदियों से सूजन और संक्रमण से लड़ने के लिए उपचारात्मक प्रयोगों में किया जाता रहा है in hindi, हल्दी में कर्क्यूमिन यौगिक की उच्च मात्रा होती है यह एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध होती है in hindi, हल्दी हृदय रोगों in hindi,, कैंसर और अल्जाइमर रोग को रोकने में भी मदद करती है in hindi, आयुष मंत्रालय श्वसन संबंधी स्वास्थ्य in hindi, Respiratory Health के विशेष संदर्भ के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और निवारक स्वास्थ्य उपायों के लिए निम्नलिखित स्व-देखभाल के दिशानिर्देशों का सुझाव दिया हैin hindi, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के सामान्य उपाय in hindi, (Common measures to increase immunity in hindi,) पूरे दिन गर्म पानी पीजिए in hindi, Drink warm water throughout the day in hindi, आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करें in hindi, खाना पकाने में हल्दी, जीरा in hindi, धनिया और लहसुन जैसे मसालों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है in hindi, Use of spices like turmeric, cumin, coriander and garlic is recommended in cooking in hindi, रोज सुबह 10 ग्राम च्यवनप्राश लें in hindi, Take 10 grams Chyawanprash every morning in hindi, तुलसी, दालचीनी in hindi,, काली मिर्च in hindi, सोंठ और मुनक्का से बना काढ़ा in hindi, हर्बल टी दिन में एक या दो बार पीजिए in hindi,(Drink decoction once or twice a day in hindi,) आवश्यक अनुसार अपने स्वाद के अनुसार गुड़ या ताजा नींबू का रस मिलाएं in hindi, गोल्डन मिल्क in hindi, 150 मिली गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर दिन में एक या दो बार लें in hindi, (Take half a teaspoon of turmeric powder once or twice in 150 ml warm milk in hindi,) सुबह और शाम नाक में तिल का तेल, सरसों का तेल, नारियल का तेल या घी लगाएं in hindi, (Apply sesame oil, mustard oil, coconut oil or ghee to the nose in the morning and evening in hindi,) एक चम्मच तिल या नारियल का तेल मुंह में लीजिए in hindi, (Take one spoon of sesame or coconut oil in the mouth in hindi,) उसे पिएं नहीं बल्कि 2 से 3 मिनट तक मुंह में घुमाएं और फिर थूक दें in hindi, (Do not drink it, but in the mouth for 2 to 3 minutes and then spit in hindi,) उसके बाद गर्म पानी से कुल्ला करे in hindi, ऐसा दिन में एक या दो बार किया जा सकता है in hindi, This can be done once or twice a day in hindi, पुदीने के ताजे पत्तों या अजवाइन के साथ दिन में एक बार भाप लिया जा सकता है in hindi,(Steam can be taken once a day with fresh mint leaves or celery) in hindi, खांसी या गले में जलन होने पर लवांग (लौंग) in hindi, पाउडर को गुड़, शहद के साथ मिलाकर दिन में 2 से 3 बार लिया जा सकता है in hindi, Clove powder can be taken 2-3 times a day after mixing with jaggery, honey, if cough or burning sensation in the throat in hindi, स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए विटामिन जरूरी हैं in hindi, click here » विटामिन ए की उपयोगिता-Utility of Vitamin A in hindi, click here » विटामिन-बी in hindi, (Vitamin-B, Vitamin B Complex in hindi,) click here » विटामिन बी2 मतलब शरीर में फूर्ति-Vitamin B2 Means Energy in hindi, click here » विटामिन बी3 बनाये बुढ़ापे तक जवान in hindi,- Vitamin B3 keep young till old age in hindi, click here » विटामिन-बी5 (Vitamin B5) in hindi, click here » विटामिन बी6 (Vitamin B6) in hindi,  click here » विटामिन-B7 (बायोटिन-Biotin) in hindi, click here » विटामिन-B9 (फोलेट-Folate) in hindi,  click here » विटामिन सी की आवश्यकता और कमी-Vitamin C need & deficiency in hindi,  click here » विटामिन-डी (Vitamin-D)in hindi, click here » स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए जरूरी Vitamin B12 in hindi, click here » विटामिन ई के अनेक फायदे-Vitamin E has many benefits in hindi, click here » विटामिन K के लिए घरेलू उपाय -Home remedies for Vitamin-K in hindi, click here » शरीर के लिए मिनरल्स जरूरी-Minerals are necessary for body in hindi, , Strong immunity in hindi,  Strong immunity kaise banti hai in hindi, Strong immunity se fayde in hindi,  Strong immunity for corona virus in hindi, Strong immunity aaj hi banaye in hindi, immune system booster in hindi, Hebs to boost immune system in hindi, strong immunity in hindi, corona ke liye jaruri vitamin in hindi, corona se bachne ke upay in hindi, corona ko door karne ke upay in hindi, strong immunity corona ko door karta hai in hindi, immunity meaning in Hindi, foods that weaken immune system in hindi, superfoods for immune system in hindi, herbs to boost immune system in hindi, infectious disease in hindi, क्यों सक्षमबनो इन हिन्दी में, क्यों सक्षमबनो अच्छा लगता है इन हिन्दी में?, कैसे सक्षमबनो इन हिन्दी में? सक्षमबनो ब्रांड से कैसे संपर्क करें इन हिन्दी में, सक्षमबनो हिन्दी में, सक्षमबनो इन हिन्दी में, सब सक्षमबनो हिन्दी में,अपने को सक्षमबनो हिन्दीं में, सक्षमबनो कर्तव्य हिन्दी में, सक्षमबनो भारत हिन्दी में, सक्षमबनो देश के 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अनाज, सेम, नट्स और मांस सहित कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप में पाया जाता है in hindi, थायमिन को कभी-कभी एंटी-स्ट्रेस विटामिन से भी जाना जाता है in hindi, विटामिन-बी के प्रकार in hindi,  बी1, बी2, बी3, बी5, बी6, बी 7, बी9 और बी12 inn hindi, विटामिन-बी1 (थायामिन-Thiamine) in hindi,  विटामिन बी1 घुलनशील विटामिन है in hindi, यह विटामिन पानी में घुलनशील होने के कारण रक्तप्रवाह के माध्यम शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचता है in hindi, और शरीर द्वारा उपयोग नहीं किए जाने पर इसे मूत्र के माध्यम से बाहर कर दिया जाता है in hindi, थायमिन, शरीर में कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा के रूप में बदलने और ग्लूकोज चयापचय के लिए आवश्यक है in hindi, और तंत्रिका, मांसपेशियों और हृदय संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। in hindi, थायमिन का उपयोग विटामिन बी1 की कमी के लिए या अन्य रोगों की रोकथाम में किया जाता है in hindi,  इसके अतिरिक्त थायमिन इंजेक्शन का उपयोग विटामिन बी1 की लंबे समय तक कमी के कारण in hindi, उत्पन्न होने वाले बेरीबेरी रोग की स्थिति का इलाज करने के लिए in hindi, भी किया जाता है in hindi, खाद्य पदार्थों को गर्म करने in hindi, पकाने और पानी में उबालने से उनमें उपस्थित थायमिन in hindi, (विटामिन-बी1) नष्ट हो जाता है in hindi, क्योंकि विटामिन बी1 पानी में घुलनशील है in hindi, इसलिए यह खाना पकाते समय पानी में घुल जाता है in hindi, यह हमारे द्वारा खाए गए खाने को पचाने और सेलुलर एनर्जी रिलीज करने में मदद करता है in hindi, यह शरीर से डीएनए और आरएनए का संश्लेषण कर in hindi, नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखता है in hindi,  हमारे इम्यून सिस्टम की रक्षा करता है in hindi, विटामिन बी1 की कमी से बेरीबेरी रोग हो जाता है in hindi, इसमें नर्वस सिस्टम में गड़बड़ी हो जाती है in hindi, तनाव रहता है in hindi, थायमिन दाल, साबुत अनाज, गुड़, मूंगफली, फलों, ड्राई फ्रूट्स, गोभी, बीन्स, पालक, ब्रोकली, ब्रेड, दूध और मांस, मछली, अंडों से प्राप्त होता है in hindi, विटामिन-बी2  in hindi, (राइबोफ्लेविन-Riboflavin) in hindi, राइबोफ्लेविन भोजन को अपघटित in hindi, कर ऊर्जा उत्पन्न करने में मदद करता है in hindi, और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है in hindi, यह पूरे शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बनाए रखता है in hindi, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में कोई दिक्कत नहीं आती in hindi, त्वचा, आंखों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखता है in hindi, इसकी कमी से होंठ फटने लगते हैं in hindi, जीभ में जलन रहती है in hindi, राइबोप्लेविन दूध in hindi, पालक in hindi, ब्रोकली in hindi, मशरूम in hindi, मांस, मछली in hindi, अंडों से प्राप्त होता है in hindi, विटामिन-बी3 नियासिन-Niacin in hindi, यह विटामिन चयापचय in hindi, डीएनए उत्पादन in hindi, और उसकी मरम्मत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है in hindi, निकोटिनिक एसिड के रूप में नियासिन एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखकर हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है in hindi, इसकी कमी से पैलेग्रा बीमारी हो जाती है in hindi, जिसमे डायरिया in hindi, त्वचा में जलन in hindi, चिड़चिड़ापन in hindi, मानसिक तनाव रहता है in hindi, यह हरी सब्जियाँ in hindi, गेहूं, मूंगफली, दालें, दूध, मछली और अंडे से प्राप्त होता है in hindi, विटामिन-बी5 in hindi, (पैंटोथैनिक एसिड-Pantothenic Acid) in hindi, अन्य विटामिन की तरह पैंटोथैनिक एसिड भी शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है in hindi,और हार्मोन और कोलेस्ट्रॉल उत्पादन in hindi, में भी अपना योगदान देता है in hindi, पैंटोथैनिक एसिड (विटामिन बी5) in hindi, दाग-धब्बों से रहित स्वस्थ त्वचा के विकास में सहायक है in hindi, इसकी कमी से त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं in hindi, जिससे त्वचा में जलन, इचिंग और चुभन होती है in hindi, मुहांसों की समस्या हो जाती है in hindi, यह साबुत अनाज,  मसूर की दाल, काजू, मूंगफली, सोयाबीन, ब्राउन राइस, दलिया, ब्रोकली, आलू, बीन्स, टमाटर, दूध in hindi, और दूध से बने पदार्थ, और मीट, चिकन, अंडे से प्राप्त होता है in hindi, विटामिन-बी6 (पायरीडॉक्सीन-Pyridoxine) in hindi, यह हमारे शरीर में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से एनर्जी स्टोर करने में मदद करता है in hindi, यह लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद हीमोग्लोबिन को बनाने में मदद करता है in hindi, ताकि शरीर में ऑक्सीजन का संचालन आसानी से हो सके in hindi, विटामिन-बी6 रुमेटी गठिया में होने वाली सूजन और दर्द को कम करने में सहायक है v विटामिन-बी6 की कमी से मानसिक तनाव, अवसाद, चिड़चिड़ापन रहता है in hindi, यह आलू, गाजर, मीट, चिकन, मछली, ब्रेड, in hindi,दलिया, ब्राउन राइस, अंडे, सोयाबीन, मूंगफली, दूध और दूध से in hindi, बने पदार्थों से प्राप्त होता है in hindi, विटामिन-बी7 in hindi,  (बायोटिन-Biotin) in hindi, नाखून, बाल और त्वचा के स्वास्थ्य में मदद in hindi, करने के कारण इसे सौंदर्य विटामिन के रूप में भी जाना जाता है in hindi, रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करके डायबिटीज के रोगियों के लिए मददगार होता है in hindi, इसकी कमी से त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं, जिसमें त्वचा में जलन, इचिंग और चुभन होती है in hindi, यह आलू,  पनीर, जौ, सोयाबीन, फूलगोभी, स्ट्रॉबेरी, मांस, मीट, अंडे इत्यादि में पाया जाता है in hindi, विटामिन-बी9 in hindi, (फोलेट-Folate) in hindi, इसे फोलेट भी कहा जाता है in hindi, यह डीएनए संश्लेषण, विटामिन बी12 के साथ मिलकर लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और एमिनो एसिड के चयापचय के लिए आवश्यक है in hindi, यह गर्भ में पल रहे बच्चे के न्यूरल ट्यूब दोष के जोखिम को कम करने में सहायक है in hindi, यह बच्चे की रीढ़ की हड्डी और नर्वस सिस्टम के गठन के लिए महत्वपूर्ण है in hindi, इसकी कमी से एनीमिया हो जाता है in hindi, इससे छोटे बच्चांे में न्यूरोजिकल डिसॉर्डर की समस्या हो जाती है in hindi, ब्रोकली, स्प्राउट्स, पालक, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियाँ in hindi, चना, मटर, चुकंदर, खजूर, ब्रेड, दूध अन्य दूध से बने इत्यादि पदार्थ in hindi,  विटामिन-बी12 in hindi, (कोबामिनिन-Cobalamin) in hindi, (सायनोकोबालामिन-Cyanocobalamin in hindi,) सभी विटामिनों में सबसे महत्वपूर्ण विटामिन-बी 12 न्यूरोलॉजिकल फंक्शन in hindi, डीएनए उत्पादन और लाल रक्त कोशिकाओं के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण है in hindi, Vitamin B6kisme hota hai in hindi, Vitamin B6benefits in hindi, Vitamin B6foods in hindi, Vitamin B6ki kami in hindi, Vitamin B6kisme paya jata hai in hindi, Vitamin B6ke fayde in hindi, Vitamin B6tablets for skin whitening in hindi, Vitamin B6benefits for skin in hindi, Vitamin B6kya khana chahiye in hindi, Vitamin B6kis fruit me paya jata hai in hindi,  Vitamin B6kis fruit me hota hai in hindi, Vitamin B6ke liye kya khana chahiye in hindi, viamin E ke barein mein hindi, Vitamin B6kya hai in 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पड़ने लगते है in hindi, प्रतिरक्षा के प्रकार in hindi, (Types of immunity) in hindi, प्रतिरक्षा दो प्रकार की होती है in hindi, इनेट और एडेटिव इम्युनिटी in hindi, इनेट इम्युनिटी यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है in hindi, परन्तु यह दीर्घकालिक नहीं होती in hindi, एडेटिव इम्युनिटी यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है in hindi, और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है in hindi, कमजोर इम्युनिटी in hindi, (Weak immunity in hindi,) कई लोग समान्यतः से अधिक बीमार रहते है in hindi, उनकी बॉडी में उतनी क्षमता नहीं होती in hindi, कि इन्फेक्शन और वायरस से लड़ सके in hindi, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना होता है in hindi, रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कई कारण होते है in hindi, खानपान की लापरवाही की वजह से होता है in hindi, कई बार नशा करने की गलत आदतों के चलते और कई बार यह जन्मजात कमजोरी की वजह से भी होता है in hindi, एंटीऑक्सिडेंट होता है in hindi, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है in hindi, प्रतिरक्षा में वृद्धि के लिए गेहूं की जर्म भी खपत की जा सकती है in hindi, यह एंटीऑक्सिडेंट्स, बी विटामिन और जस्ता का एक बड़ा स्रोत हैin hindi,  गेहूं की जर्म में प्रोटीन in hindi, फाइबर और कुछ स्वस्थ वसा का एक बड़ा संयोजन भी होता हैin hindi, हमारे शरीर को प्रतिरक्षा की बहुत आवश्यकता होती हैin hindi, तभी यह विभिन्न प्रकार के रोगों और इन्फेक्शन से लड़ सकता है in hindi, इसलिए जरुरी है कि अपने शरीर का ध्यान रखें in hindi, हेल्दी डाइट लें और अपने इम्यून सिस्टम और इम्युनिटी का ख्याल रखें in hindi, अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए? in hindi, If immune power becomes weak then what measures should be taken to increase it? in hindi, ग्रीन टी और ब्लैक टी in hindi, दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती है in hindi,लेकिन प्रतिदिन  1-2 कप ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नुकसान हो सकता है in hindi, दही इम्यून पावर बढ़ती है in hindi, और पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है in hindi, ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते है in hindi, इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है in hindi, प्रतिदिन ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है in hindi, विटामिन डी बहुत महत्वपूर्ण होता है in hindi, इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है in hindi, साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी बहुत जरूरी है in hindi, जल एक प्राकृतिक औषधि हैin hindi, प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं in hindi, और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है in hindi, पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा गर्मin hindi, सर्दी के मौसम में गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता हैin hindi,  इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह चाय या दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है in hindi, अंकुरित अनाज मूंग, मोठ, चना या भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें in hindi, अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती हैin hindi,  यह पचाने में आसान होते हैंin hindi, सलाद जरूर खाना चाहे यह भोजन पाचन के लिस जरूरी होता है nin hindi, ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, प्याज, चुकंदर आदि को सलाद में ले सकते है in hindi, इनमें नमक न डालें क्योंकि इनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद नमक हमारे लिए पर्याप्त होता है in hindi, अनाज, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज खाने से कब्ज नहीं रहती in hindi, प्रतिरोध क्षमता बनी रहती है in hindi, तुलसी एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है in hindi, प्रतिदिन सुबह कुछ तुलसी के पत्तों का सेवन करें in hindi, पर्याप्त नींद जरूरी in hindi, प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य के हिसाब से नियमित रूप से निर्धारित घंटो में सोना बहुत आवश्य है in hindi, पर्याप्त नींद न लेना कई बीमारियों की संभावना हो सकती है in hindi, यह हमारी ोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करत देता है in hindi, योगासन-प्राणायाम in hindi, व्यायाम हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखता है in hindi, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने की दृष्टि से योगासन और प्राणायाम सबसे अच्छे उपाय हैं in hindi, नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर के भीतर हार्मोन संतुलन कायम करने में मदद मिलती है in hindi, तनावमुक्त- स्वयं को तनावमुक्त करने के लिए ध्यान साघना in hindi, गहरी सांस लेना, तनाव से बचाव के लिए योग in hindi, अच्छी किताबो को पढना in hindi, लोगो के साथ समय बिताना in hindi, अच्छी जगहों पर घुमने जाना और खुलकर हँसाना जैसे गतिविधियां तनावमुक्त करती है in hindi, Naturally ways to increase immunity in hindi, नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी बढ़ाना ही सर्वोत्तम उपायों में एक है in hindi, जो हर मौसम में संक्रमण से बचा सकता है in hindi, खट्टे फल  in hindi, (Citrus Fruits v) - श्वेत रक्त कोशिकाएं यानी व्हाइट ब्लड सेल्स शरीर को सामान्य संक्रमणों और बीमारियों से बचाने के लिए जानी जाती हैं in hindi, लेकिन शरीर खुद इनका उत्पादन नहीं कर पाता है in hindi, विटामिन सी को सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कारगर माना जाता है in hindi, विटामिन सी का सेवन बढ़ाने के लिए रोजाना खट्टे फल जैसे संतरे और अंगूर का सेवन करें in hindi, ब्रोकली (Broccoli in hindi,) - हरे रंग की सब्जी में विटामिन ए in hindi, विटामिन सी in hindi, विटामिन ई in hindi, और बहुत सारे फाइबर होते हैं in hindi, यह एंटीऑक्सिडेंट यौगिकों में भी समृद्ध होती है in hindi, यहं इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होती है in hindi, लहसुन (Garlic in hindi,) - लहसुन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जानी जाती है in hindi, लहसुन ब्लड प्रेशर को प्रबंधित करने और धमनियों को सख्त होने से रोकने में मदद कर सकती है in hindi, लहसुन को पहले ही फ्लू और इंफेक्शन से लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है in hindi, आप भी लहसुन का सेवन कर नेचुरल तरीके से इम्यून सिस्टम को बेहकर कर सकते हैं in hindi, अदरक (Ginger in hindi,) - अदरक में पाया जाने वाला एक यौगिक खांसी in hindi, गले में खराश और सूजन वाली बीमारियों से लड़ने में प्रभावी माना जाता है in hindi, अदरक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और स्थिर करने में भी मदद करता है in hindi, हल्दी  (Turmeric in hindi,) - हल्दी का उपयोग सदियों से सूजन और संक्रमण से लड़ने के लिए उपचारात्मक प्रयोगों में किया जाता रहा है in hindi, हल्दी में कर्क्यूमिन यौगिक की उच्च मात्रा होती है यह एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध होती है in hindi, हल्दी हृदय रोगों, कैंसर और अल्जाइमर रोग in hindi, को रोकने में भी मदद करती है in hindi, आयुष मंत्रालय श्वसन संबंधी स्वास्थ्य Respiratory Health in hindi, के विशेष संदर्भ के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और निवारक स्वास्थ्य उपायों के लिए निम्नलिखित स्व-देखभाल के दिशानिर्देशों का सुझाव दिया है in hindi, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के सामान्य उपाय in hindi, पूरे दिन गर्म पानी पीजिए in hindi, आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करें in hindi, खाना पकाने में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन in hindi, जैसे मसालों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है in hindi, रोज सुबह 10 ग्राम च्यवनप्राश लें in hindi, तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ और मुनक्का से बना काढ़ा, हर्बल टी दिन में एक या दो बार पीजिए in hindi, आवश्यक अनुसार अपने स्वाद के अनुसार गुड़ या ताजा नींबू का रस मिलाएं in hindi, गोल्डन मिल्क 150 मिली गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर दिन में एक या दो बार लें in hindi, सुबह और शाम नाक में तिल का तेल, सरसोंका तेल, नारियल का तेल या घी लगाएं in hindi, एक चम्मच तिल या नारियल का तेल मुंह में लीजिए। उसे पिएं नहीं बल्कि 2 से 3 मिनट तक मुंह में घुमाएं in hindi, और फिर थूक दें in hindi, उसके बाद गर्म पानी से कुल्ला करे। ऐसा दिन में एक या दो बार किया जा सकता है in hindi, पुदीने के ताजे पत्तों या अजवाईन के साथ दिन में एक बार भाप लिया जा सकता है in hindi, खांसी या गले में जलन होने पर लवांग (लौंग in hindi,) पाउडर को गुड़, शहद के साथ मिलाकर दिन में 2 से 3 बार लिया जा सकता है in hindi, , मजबूत-रोग-प्रतिरोधक-क्षमता-जरूरी-Strong-immunity-required
कोरोना जैसे वायरस को बेअसर कर देती है
(Neutralizes like corona viruses in hindi)
  • हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति कहाँ से मिलती है? शरीर कई प्रकार की बीमारियों और इन्फेक्शन से लड़ता है। यह बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर की सेल्स को भी बदल देती है। इम्युनिटी हर तरह के संक्रमण से लड़ती है, फेफड़ों में होने वाली धूल को साफ करने के साथ-साथ कैंसर की कोशिकाओं के प्रभाव को खत्म करती है। मजबूत इम्युनिटी कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी लड़ सकते हैं।  रक्षा-कवच भी कहा जाता हैै। रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है। ऐसी कई बीमारियां होती हैं जिनसे हमारा शरीर खुद ही ठीक कर लेता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है। ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते है।
प्रतिरक्षा के प्रकार (Types of immunity)
  • प्रतिरक्षा दो प्रकार की होती है- इनेट और एडेटिव इम्युनिटी। इनेट इम्युनिटी यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है परन्तु यह दीर्घकालिक नहीं होती। एडेटिव इम्युनिटी यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है।
कमजोर इम्युनिटी (Weak immunity)
  • कई लोग समान्यतः से अधिक बीमार रहते है उनकी बॉडी में उतनी क्षमता नहीं होती कि इन्फेक्शन और वायरस से लड़ सके। रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कई कारण होते है खानपान की लापरवाही की वजह से होता है, कई बार नशा करने की गलत आदतों के चलते और कई बार यह जन्मजात कमजोरी की वजह से भी होता है। एंटीऑक्सिडेंट होता है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। प्रतिरक्षा में वृद्धि के लिए गेहूं की जर्म भी खपत की जा सकती है। यह एंटीऑक्सिडेंट्स, बी विटामिन और जस्ता का एक बड़ा स्रोत है। गेहूं की जर्म में प्रोटीन, फाइबर और कुछ स्वस्थ वसा का एक बड़ा संयोजन भी होता है। हमारे शरीर को प्रतिरक्षा की बहुत आवश्यकता होती है, तभी यह विभिन्न प्रकार के रोगों और इन्फेक्शन से लड़ सकता है, इसलिए जरुरी है कि अपने शरीर का ध्यान रखें, हेल्दी डाइट लें और अपने इम्यून सिस्टम और इम्युनिटी का ख्याल रखें।
अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो 
उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए? 
If immune power becomes weak then 
what measures should be taken to increase it?
  • ग्रीन टी और ब्लैक टी, दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती है। (Green Tea and Black Tea both are beneficial for the immune system) लेकिन प्रतिदिन  1-2 कप ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नुकसान हो सकता है। (But taking 1-2 cups more daily can cause harm)
  • दही इम्यून पावर बढ़ती है और पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है। Yogurt increases the immunity power and also helps to keep the digestive system better.
  • ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते है (Oats contain sufficient amount of fiber) ओट्स में एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है। प्रतिदिन ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।
  • विटामिन डी बहुत महत्वपूर्ण होता है (Vitamin D is very important, it causes many diseases) विटामिन डी से कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी बहुत जरूरी है।
  • जल एक प्राकृतिक औषधि है। (Water is a natural medicine) प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा गर्म।
  • सर्दी के मौसम में गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता है। (Consumption of kerned fruits is beneficial in winter season) इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह चाय या दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है।
  • अंकुरित अनाज (Sprouted grains) मूंग, मोठ, चना या भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है। यह पचाने में आसान होते हैं।
  • सलाद जरूर खाना चाहिए यह भोजन पाचन के लिए जरूरी होता है। (Salad must be eaten, this food is necessary for digestion) ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, प्याज, चुकंदर आदि को सलाद में ले सकते है। इनमें नमक न डालें क्योंकि इनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद नमक हमारे लिए पर्याप्त होता है। 
  • अनाज, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का  (Cereals, wheat, sorghum, millet, maize) जैसे अनाज खाने से कब्ज नहीं रहती और प्रतिरोध क्षमता बनी रहती है।
  • तुलसी एंटीबायोटिक (Tulsi Antibiotic), दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। प्रतिदिन सुबह कुछ तुलसी के पत्तों का सेवन करें।
  • पर्याप्त नींद जरूरी (Adequate sleep is necessary) प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य के हिसाब से नियमित रूप से निर्धारित घंटो में सोना बहुत आवश्य है। पर्याप्त नींद न लेना कई बीमारियों की संभावना हो सकती है। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करत देता है।
  • योगासन-प्राणायाम (Yogasana-Pranayama) व्यायाम हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने की दृष्टि से योगासन और प्राणायाम सबसे अच्छे उपाय हैं। नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर के भीतर हार्मोन संतुलन कायम करने में मदद मिलती है।
  • तनावमुक्त (Stress free) स्वयं को तनावमुक्त करने के लिए ध्यान साघना, गहरी सांस लेना, तनाव से बचाव के लिए योग, अच्छी किताबो को पढना, लोगो के साथ समय बिताना, अच्छी जगहों पर घुमने जाना और खुलकर हँसाना जैसे गतिविधियां तनावमुक्त करती है। 
नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी बढ़ाना ही सर्वोत्तम उपायों में एक है 
जो हर मौसम में संक्रमण से बचा सकता है।
(Naturally ways to increase immunity in hindi) 
  • खट्टे फल  (Citrus Fruits) - श्वेत रक्त कोशिकाएं यानी व्हाइट ब्लड सेल्स शरीर को सामान्य संक्रमणों और बीमारियों से बचाने के लिए जानी जाती हैं, लेकिन शरीर खुद इनका उत्पादन नहीं कर पाता है। विटामिन सी को सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कारगर माना जाता है। विटामिन सी का सेवन बढ़ाने के लिए रोजाना खट्टे फल जैसे संतरे और अंगूर का सेवन करें।
  • ब्रोकली (Broccoli) - हरे रंग की सब्जी में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई और बहुत सारे फाइबर होते हैं। यह एंटीऑक्सिडेंट यौगिकों में भी समृद्ध होती है। यहं इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होती है।
  • लहसुन (Garlic) - लहसुन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जानी जाती है। लहसुन ब्लड प्रेशर को प्रबंधित करने और धमनियों को सख्त होने से रोकने में मदद कर सकती है। लहसुन को पहले ही फ्लू और इंफेक्शन से लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. आप भी लहसुन का सेवन कर नेचुरल तरीके से इम्यून सिस्टम को बेहकर कर सकते हैं।
  • अदरक (Ginger) - अदरक में पाया जाने वाला एक यौगिक खांसी, गले में खराश और सूजन वाली बीमारियों से लड़ने में प्रभावी माना जाता है। अदरक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और स्थिर करने में भी मदद करता है।
  • हल्दी (Turmeric) - हल्दी का उपयोग सदियों से सूजन और संक्रमण से लड़ने के लिए उपचारात्मक प्रयोगों में किया जाता रहा है। हल्दी में कर्क्यूमिन यौगिक की उच्च मात्रा होती है यह एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध होती है। हल्दी हृदय रोगों, कैंसर और अल्जाइमर रोग को रोकने में भी मदद करती है। 

आयुष मंत्रालय श्वसन संबंधी स्वास्थ्य Respiratory Health के विशेष संदर्भ के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और निवारक स्वास्थ्य उपायों के लिए निम्नलिखित स्व-देखभाल के दिशानिर्देशों का सुझाव दिया है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के सामान्य उपाय
(Common measures to increase immunity in hindi)
  • पूरे दिन गर्म पानी पीजिए। Drink warm water throughout the day.
  • आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करें।
  • खाना पकाने में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन जैसे मसालों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। Use of spices like turmeric, cumin, coriander and garlic is recommended in cooking.
  • रोज सुबह 10 ग्राम च्यवनप्राश लें। Take 10 grams Chyawanprash every morning.
  • तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ और मुनक्का से बना काढ़ा, हर्बल टी दिन में एक या दो बार पीजिए।(Drink decoction once or twice a day) आवश्यक अनुसार अपने स्वाद के अनुसार गुड़ या ताजा नींबू का रस मिलाएं।
  • गोल्डन मिल्क 150 मिली गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर दिन में एक या दो बार लें। (Take half a teaspoon of turmeric powder once or twice in 150 ml warm milk)
  • सुबह और शाम नाक में तिल का तेल, सरसों का तेल, नारियल का तेल या घी लगाएं। (Apply sesame oil, mustard oil, coconut oil or ghee to the nose in the morning and evening).
  • एक चम्मच तिल या नारियल का तेल मुंह में लीजिए। (Take one spoon of sesame or coconut oil in the mouth) उसे पिएं नहीं बल्कि 2 से 3 मिनट तक मुंह में घुमाएं और फिर थूक दें। (Do not drink it, but in the mouth for 2 to 3 minutes and then spit) उसके बाद गर्म पानी से कुल्ला करे। ऐसा दिन में एक या दो बार किया जा सकता है। This can be done once or twice a day.
  • पुदीने के ताजे पत्तों या अजवाइन के साथ दिन में एक बार भाप लिया जा सकता है।(Steam can be taken once a day with fresh mint leaves or celery).
  • खांसी या गले में जलन होने पर लवांग (लौंग) पाउडर को गुड़, शहद के साथ मिलाकर दिन में 2 से 3 बार लिया जा सकता है। Clove powder can be taken 2-3 times a day after mixing with jaggery, honey, if cough or burning sensation in the throat.

स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए विटामिन जरूरी हैं