पान के पत्ते का औषधीय फायदे- Medicinal benefits of betel leaf

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पान के पत्ते का औषधीय फायदे

(Medicinal benefits of betel leaf)

पान का इस्तेमाल पूजा-पाठ आदि शुभ कार्यों के अलावा एक जड़ी-बूटी की तरह भी काम करता है, और पान के कई सारे औषधीय गुण हैं। पान का पत्ता विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करता है। सिर दर्द, आंखों की बीमारी, कान दर्द, मुंह के रोग, खांसी, सर्दी-जुकाम, ह्रदय रोग, सांसों के रोग में पान के पत्तों को उपयोग में लिया जा सकता है। इसके अलावा यह डायबिटीज और कैंसर जैसी समस्याओं से बचाने में भी भूमिका निभा सकता है। 

पान का पत्ता आंतरिक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है (Betel leaf flushes out internal toxins) : यह शरीर की सफाई भी करता है क्योंकि पत्तियों को आंतरिक अंगों से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए जाना जाता है। यह आपके चय अपचय को भी बढ़ाता है और आपके आंतरिक अंगों से रक्त परिसंचरण में सुधार करता है।

पान का पत्ता मानसिक ऊर्जा बढ़ाता है (Betel leaf increases mental energy) : पान के पत्तों को मानसिक सतर्कता को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। शहद के साथ लेने से यह टॉनिक के रूप में भी काम करता है। 

पान का पत्ता मांसपेशियों के दर्द को दूर करता है (Betel leaf relieves muscle pain) : पान की पत्तियों को मांसपेशियों में तनाव कम करने और रिकवरी पोस्ट वर्कआउट को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता ह। इसे नारियल के तेल में मिलाते हैं। अपने पैरों और पीठ की मालिश करते हैं, तो दर्द, लालिमा और सूजन चली जाएगी।


पान के पत्ते के अद्भुत फायदे

(Amazing benefits of betel leaves)

पान का पत्ता पाचन के लिए लाभदायक (Betel leaf is beneficial for digestion)पान के पत्तों को चबाने से पैदा होने वाली लार पाचन कार्यप्रणाली को बेहतर कर सकती है। इसमें प्राकृतिक रूप से डायजस्टिव गुण पाए जाते हैं। 

पान का पत्ता एसिडिटी के लिए लाभकारी  (Betel leaves beneficial for acidity) : पान के पत्तों से निकलने वाले अर्क में गैस्ट्रो प्रोटेक्टिव गुण पाया जाता है, जो गैस की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इसमें पेट के अल्सर को भी ठीक करने के गुण मौजूद होते हैं। 

पान का पत्ता कब्ज के लिए उपयोगी  (Betel leaf useful for constipation) : पान का पत्ता कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। पान के पत्ते पाचन को ठीक कर कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। 

पान का पत्ता फंगल संक्रमण को रोकता है (Betel leaf prevents fungal infection) : रोजाना पान को चबाकर फंगल इन्फेक्शन का इलाज किया जा सकता है। यह एक अद्भुत प्राकृतिक उपचार है क्योंकि पत्तियों में एंटी-फंगल गुण होते हैं। 


पान के पत्ते  सर्दी-जुकाम, फेफड़ों के लिए है लाभकारी

(Betel leaves are beneficial for colds, lungs)

पान का पत्ता खांसी के लिए गुणकारी (Betel leaf is beneficial for cough) : पान के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भी समृद्ध होता है। पान के पत्ते के ये गुण खांसी से निजात दिला सकते हैं और संक्रमण को दूर कर खांसी के दौरान गले के कंजेशन से छुटकारा या गले को साफ करने का काम कर सकते हैं। 

पान का पत्ता काली खांसी के लिए लाभदायक (Betel leaf is beneficial for whooping cough) : पान के रस का सेवन करने से गले की सूजन कम हो जाती है, और कफ निकलने लगता है। इस रोग में 2-5 पान के पत्तों के रस को थोड़े गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से भी फायदा होता है। 5-10 मिली पान रस को शहद के साथ मिलाकर चटाने से सूखी खाँसी मिटती है।

पान का पत्ता सिर दर्द के लिए लाभदायक (Betel leaf is beneficial for headache) : पान के पत्तों के सेवन से सिर दर्द में आराम मिलता है। पान के कुछ पत्ते लें और एक कपड़े में रखकर उसे कुछ सिर पर बांध लें। इससे दर्द में राहत मिलती है।

पान का पत्ता मधुमेह की रोकथाम के लिए लाभकारी (Betel leaf is beneficial for the prevention of diabetes) : पान के पत्तों में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण होता है, जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। 


पान के पत्ते खाने से कई बीमारियां दूर 

(Many diseases are cured by eating betel leaves)

पान का पत्ता दांतों को मजबूत बनाता है (Betel leaf makes teeth strong): दांतों को मजबूत करने और ओरल संक्रमण को दूर करने के गुण भी शामिल हैं। बैक्टीरिया के कारण होने वाले मुंह के संक्रमण से भी राहत देने का काम कर सकते हैं।

पान का पत्ता मुंह के छालों के लिए (betel leaves for mouth ulcers) : मुंह में मौजूद बैक्टीरिया के खिलाफ पान के पत्ते का अर्क प्रभावी हो सकता है। यही कारण है कि स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स नामक बैक्टीरिया के कारण मुंह में होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए पान के पत्ते का इस्तेमाल एक नेचुरल एजेंट के रूप में किया जा सकता है। 

कैंसर से बचाव करता है  (Protects against chhale) : कैंसर जैसी गंभीर समस्या से भी बचाव करने में पान के पत्ते सहायक हो सकते हैं। पान के पत्तों के अर्क में एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं।

पान का पत्ता दर्द नाशक दवा (Betel leaf pain reliever) : कट, घाव, सूजन आदि से होने वाले दर्द में राहत दिलाता है। एक एंटीसेप्टिक का कार्य करता है। यह कीटाणुओं को मारता है और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करके तुरंत दर्द से राहत देता है।  


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