फेफड़ों को कैसे रखें स्वस्थ- How to keep lungs healthy

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फेफड़ों को कैसे रखें स्वस्थ

(How to keep lungs healthy)

फेफड़े शरीर का एक बहुत अहम हिस्सा है। फेफड़ों के अस्वस्थ रहने पर कई बीमारियां हो सकती है जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, टीबी, फेफड़ों का कैंसर आदि। इसलिए फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। इसके अलावा योग के साथ-साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय अपना सकते हैं। हवा में प्रदूषण के साथ -साथ स्मोकिंग की बुरी आदत, किसी ना किसी तरह की एलर्जी, रेस्पिरेटरी डिजीज सब मिलकर सांसों संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए लंग्स का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि शरीर को चलाने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है और लंग्स का काम शरीर में ब्लड के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई करना है। 

विटामिन सी: खट्टे फल जैसे- संतरा, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, अनानास, आम आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है। विटामिन-सी से भरपूर आहार का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। विटामिन-सी से भरपूर आहार में एंटीऑक्सीडेंट होते है, जो सांस लेने के बाद ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाने में मदद करते है।

अनार और सेब : अनार हमारे शरीर में खून बढ़ाने का काम करने के साथ ही फेफड़ों की क्लीनिंग में बड़ा रोल प्ले करता है। वहीं सेब में विटमिन ई और सी दोनों होते हैं। ये दोनों ही फल हमें लंग्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में भी बड़ा रोल प्ले करते हैं। 

अंगूर: फेफड़ों के सभी प्रकार के रोग जैसे खांसी, जुकाम और दमा आदि के लिए अंगूर का सेवन करना बहुत लाभकारी होता है। 

मुनक्का का सेवन: प्रतिदिन भिगे हुए मुनक्का का सेवन करने से भी फेफड़े मजबूत होते हैं और बीमारियों से लड़ने की उनकी क्षमता बढ़ती है।

अंजीर: अंजीर को एक गिलास पानी में उबालकर पीना चाहिए। इसका सेवन प्रतिदिन सुबह-शाम करने से फेफड़ों का रोग नहीं होता। 

लहसुन का सेवन: लहसुन का सेवन कफ को खत्म करने में सहायक होता है और अगर खाना खाने के बाद लहसुन खाया जाए तो ये छाती को साफ रखता है। लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

लाइकोपेन युक्त आहार: ऐसे आहार का सेवन करें जो लाइकोपेन युक्त हो जैसे टमाटर, गाजर, तरबूज, पपीता, शकरकंद और हरी सब्जियां। इस तरह के आहार में कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सीडेंट होता है जो अस्थमा से बचाने में भी सहायक होता है।

अदरक: अदरक में ऐंटीइंफ्लामेट्री एलिमेंट्स होते हैं जो खान-पान या प्रदूषित हवा के कारण फेफड़ों तक पहुंचे हानिकारक तत्वों का असर खत्म कर देते हैं। इससे हमारे फेफड़े बिना किसी परेशानी के काम करते रहते हैं।

ओमेगा थ्री फैटी एसिड : फैटी एसिड एक ऐसा एलिमेंट है, जो हमारी फिटनेस और हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। यह हमें लंग्स में दिक्कत के कारण होने वाली अस्थमा की बीमारी से भी बचाता है। ओमेगा थ्री फैटी एसिड के लिए खासतौर पर हरी फलियां, सेम की फली, दूध, पनीर, दही और अलसी के बीजों का सेवन करें।

ब्रोकली का सेवन : ब्रोकली यानी हरे रंग की गोभी, फेफड़ों और सांस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में बहुत अधिक मददगार है।

गाजर: गाजर फेफड़ों के लिए बिल्कुल वैसे काम करती है जैसे गले की खराश में अदरक। गाजर में ऐंटीइंफ्लामेट्री एलिमेंट्स के साथ ही विटमिन्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं। खासतौर पर विटमिन-ए और विटमिन-सी इसमें भरपूर मात्रा में होते हैं। इन विटमिन्स के कारण हमारे लंग्स हेल्दी रहते हैं और हमें सांस से जुड़ी तकलीफ नहीं होती है। 

तुलसी: तुलसी के सूखे पत्ते, कत्था, कपूर और इलायची समान मात्रा में लेकर 9 गुना चीनी मिलाकर बारीक पीस लेते हैं और यह चुटकी भर की मात्रा में लेकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करें। इससे फेफड़ों में जमा कफ नष्ट होकर निकल जाता है।

मुलहठी: मुलहठी फेफड़ों की सूजन, गले में खराश, सूजन, सूखी कफ वाली खांसी में लाभ करती हैं। मुलहठी फेफड़ों को बल देती है और फेफड़ों सम्बंधी रोगों में लाभकारी हैं।  

नोट: किसी भी उपाय को करने से पहले हमेशा किसी विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करें।


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